एडीजी जोन एक दिवसीय निरीक्षण करने गोंडा पुलिस लाइन पहुंचे

*गोंडा*
गोंडा में एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन बुधवार को गोंडा के निरीक्षण दौरे पर पहुंचे। पुलिस लाइन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, वहीं आईजी देवीपाटन रेंज अमित पाठक और एसपी विनीत जायसवाल ने बुके देकर उनका स्वागत किया।
निरीक्षण, निर्देश और सख्त रुख
दौरे के दौरान एडीजी ने सबसे पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विभिन्न शाखाओं का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने रिकॉर्ड मैनेजमेंट को सुधारने पर जोर देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि दस्तावेज़ व्यवस्थित और अपडेटेड होने चाहिए।
इसके बाद पुलिस लाइन का निरीक्षण किया गया, जहां उन्होंने ट्रेनिंग ले रहे रिक्रूट आरक्षियों से बातचीत की और अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
पुलिस लाइब्रेरी का लोकार्पण — अब तैयारी ‘इन-हाउस’
पुलिस लाइन में तैयार की गई नई पुलिस लाइब्रेरी का एडीजी और एसपी ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह लाइब्रेरी पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में एक बड़ा संसाधन साबित होगी।
एडीजी ने बताया कि लाइब्रेरी में अलग-अलग स्टडी केबिन बनाए गए हैं, जिससे पढ़ने वालों को शांति और एकाग्रता मिल सकेगी।
समीक्षा बैठक में निर्देश — “महिला अपराधों पर ज़ीरो टॉलरेंस”
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में एडीजी ने जिले के सभी थानाध्यक्षों और अधिकारियों को कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा:
> “फरियादी को थाने में सम्मान मिले और महिला अपराधों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई हो।”
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जनप्रतिनिधियों से बैठक
दौरे के दौरान एडीजी जैन ने जिले के सभी विधायकों के साथ बैठक की और जिले की सुरक्षा व्यवस्था व विकासात्मक आवश्यकताओं पर चर्चा की।
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नेपाल चुनाव पर अलर्ट मोड
मीडिया से बातचीत में एडीजी मुथा अशोक जैन ने नेपाल में घोषित चुनावी कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया:
नेपाल में चुनावी प्रक्रिया जनवरी 2026 से शुरू होगी
मार्च 2026 में मतदान होगा
सीमा जिलों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड में हैं
उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और वे खुद सीमा क्षेत्र का निरीक्षण कर चुके हैं।
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मदरसों की निगरानी पर बयान
नेपाल सीमा के पास स्थित मदरसों पर पूछे गए सवाल पर एडीजी ने कहा कि संबंधित एजेंसियां नियमित निगरानी करती रहती हैं।
उन्होंने कहा:
> “कुछ रिपोर्ट्स गोपनीय हैं, इसलिए सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। जरूरत पड़ने पर उचित निर्णय तुरंत लिया जाएगा।”
निष्कर्ष
दौरे के अंत में एडीजी ने कहा कि कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सभी अधिकारी संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रोफेशनल रवैये के साथ कार्य करें।



