बात बनी या महागठबंधन में ठनी? RJD-कांग्रेस के बीच ’70 का चक्कर’, चेहरे और सीट लड़ाई में कहीं फंस न जाए पेच!

दिल्ली से लेकर पटना तक महागठबंधन में कई दौर की बैठकें खत्म हो चुकी हैं. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच कई बार मुलाकातें हुईं. लेकिन, मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर मतभेद बरकरार है. दिल्ली से लेकर पटना तक महागठबंधन में कई दौर की मीटिंग खत्म हो चुकी है. राहुल-तेजस्वी के बीच कई बार मुलाकात हुई लेकिन सीएम फेस पर पेंच बरकरार है. कांग्रेस ने बिहार में अपना गियर बदल दिया है. कांग्रेस ने आरजेडी के सामने यह शर्त रखा है कि बिहार में 2020 की तर्ज पर 70 सीट के साथ जिताऊ सीट चाहिए. अब यह बात आरजेडी के हलक से नीचे नहीं आ रही है. आरजेडी अब इस संशय में फंसी है कि सीएम का चेहरा ले या कांग्रेस को 70 जिताऊ सीट दे.
दरअसलबिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के अंदर लगातार रणनीति बनाई जा रही है. दिल्ली से लेकर पटना तक कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं. लेकिन, महागठबंधन का चेहरा तेजस्वी यादव होंगे या नहीं, इस पर अब भी अस्पष्टता है. पटना में महागठबंधन की पहली बैठक से पहले कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को दिल्ली बुलाकर स्पष्ट संकेत दिया कि अब कांग्रेस बिहार में फ्रंटफुट पर राजनीति करेगी.
बता दें, पहले कांग्रेस लालू यादव के दरबार में चुनावी मुद्दों को सुलझाने जाती थी, जहां लालू का पलड़ा भारी रहता था. लेकिन, अब कांग्रेस ने अपनी कार्यशैली बदलकर आरजेडी से अपनी शर्तों पर मोलभाव करने का मूड बना लिया है. आरजेडी के सीएम फेस की डिमांड पर कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी अभी दिल्ली में हैं. बिहार में महागठबंधन का सीएम फेस अभी फाइनल नहीं हुआ है. इस मामले पर बैठकर बात की जाएगी. अभी से सीएम फेस पर बात करने का कोई मतलब नहीं है.
तेजस्वी यादव कभी राहुल गांधी से मिलने के लिए नंगे पैर दिल्ली में कांग्रेस के कमरे में प्रवेश कर रहे हैं, तो कभी पटना में कांग्रेस के दफ्तर सदाकत आश्रम में बैठकें कर रहे हैं. अपने सरकारी आवास पर भी दर्जनों बार बैठकें कर चुके हैं. कांग्रेस बार-बार मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर आरजेडी और महागठबंधन की हवा निकाल देती है. हालांकि सीएम फेस को लेकर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि सीएम फेस पर महागठबंधन के अंदर कोई कंफ्यूजन नहीं है, तेजस्वी यादव ही सीएम फेस हैं और वहीं बिहार के अगले सीएम होंगे.
पटना में एक बार फिर 15 सितंबर को महागठबंधन की बड़ी बैठक होने वाली है. लेकिन, इस वृहद बैठक से पहले कांग्रेस ने आरजेडी के साथ कुछ बातें स्पष्ट कर दी हैं. कांग्रेस बिहार में 70 से कम सीटें स्वीकार नहीं करेगी और जिताऊ सीटों का चुनाव करेगी. इसके अलावा, चुनाव से पहले उपमुख्यमंत्री पद के लिए भी दबाव बना रही है.



