अयोध्या जल पुलिस बनी श्रद्धालुओं की जीवनरक्षक कवच, चार वर्षों में 605 लोगों की बचाई जान

*-महाकुंभ और त्योहारों में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा में अयोध्या जल पुलिस का अहम योगदान*
*-अयोध्या जल पुलिस की सजगता से घाटों पर कोई अप्रिय घटना नहीं, मानवता की मिसाल कायम*
*अयोध्या, 16 अगस्त।* रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में प्रतिदिन एक से दो लाख श्रद्धालु दर्शन, हनुमानगढ़ी व सरयू नदी में स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। लाखों की भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अयोध्या जल पुलिस ने अहम भूमिका निभाई है।
*महाकुंभ, चैत रामनवमी और सावन झूला मेले में भीड़ पर भी रही कड़ी नजर*
महाकुंभ, चैत रामनवमी, सावन झूला और कार्तिक मेले जैसे अवसरों पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। हर बार श्रद्धालुओं ने सबसे पहले सरयू नदी में स्नान किया और फिर रामलला व हनुमानगढ़ी दर्शन को गए। ऐसे अवसरों पर जल पुलिस ने हर घाट पर अपनी तैनाती कर श्रद्धालुओं को न केवल जागरूक किया बल्कि हर संकट की घड़ी में जीवनरक्षक कवच बनकर सामने आई।
*चार वर्षों में 605 श्रद्धालुओं की जान बचाई*
बीते चार वर्षों में अयोध्या जल पुलिस ने लगभग 605 लोगों की जान बचाई है। वहीं, पिछले चार महीनों में ही 40 श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने या पैर फिसलने से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा, सरयू नदी में पुराने पुल से कूदने वाले 20 से अधिक लोगों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। जल पुलिस ने चार दर्जन दुधारू पशुओं को नदी की धारा से बाहर निकाला और कई बार राष्ट्रीय पक्षी मोर व हिरण जैसे वन्य जीवों का भी रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा।
*मानवता की सेवा भी मिशन*
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के अलावा जल पुलिस घाटों पर असहाय और बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाकर उनके इलाज में भी सहयोग कर रही है।



