United Nations Environment Programme रिपोर्ट: भारत ने उत्सर्जन में रिकॉर्ड वृद्धि की

UNEP द्वारा जारी “Emissions Gap Report 2025” में खुलासा हुआ है कि भारत ने 2024 में कुल ग्रीनहाउस-गैस उत्सर्जन में सबसे बड़ी मात्रा में वृद्धि दर्ज की। वृद्धि की दर लगभग 3.6 % थी, जो इंडोनेशिया के बाद दूसरी सबसे अधिक है।
अन्य विवरण बताते हैं कि अगर सभी वर्तमान जलवायु लक्ष्य पूरे भी हो जाएँ, तो तापमान वृद्धि 2.3 °C-2.5 °C तक पहुँच सकती है, जबकि पेरिस समझौते का लक्ष्य 1.5 °C है। इसका मतलब है कि भारत के तेजी से विकास और बढ़ते उत्सर्जन के बीच संतुलन बड़ा कठिन है। देश में ऊर्जा-वितरण, औद्योगिकisation और कृषि-प्रथाओं में बदलाव की जरूरत बढ़ रही है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत जैसी अर्थव्यवस्था को विकास-विकास के मार्ग पर चलाते हुए अधिक तेज सुधार, ऊर्जा-दक्षता व स्वच्छ ऊर्जा अवलंबन की ओर ध्यान देना होगा ताकि वैश्विक उत्सर्जन-गैप को बंद किया जा सके। इस तरह की जानकारी वैश्विक जलवायु चर्चाओं में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बना देती है।



