मध्‍य प्रदेश

इंदौर का भागीरथपुरा बन सकता है दिल्ली का ये इलाका, 20 साल से लोग पी रहे गंदा पानी, जनता बोली- मौत होने पर ही होगा सबकुछ ठीक

इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इन दिनों सुर्खियों में हैं. यहां बीते दिनों दूषित पानी पीने की वजह से अब तक 16 लोगों की मौतें हो चुकी हैं. 16 मौतें हो जाने के बाद वहां की सरकार और प्रशासन जागे हैं, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में भी एक ऐसा इलाका है. जहां पर कई महीनों से लोग दूषित पानी पी रहे हैं. यहां भी पानी पीने के बाद लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन यहां की सरकार और शासन अब तक गहरी नींद में सोए हुए हैं.

जल बोर्ड से शिकायत करने पर भी जनता को साफ पानी आज तक नहीं मिल सका है. यहां की जनता सुबह के 4:00 बजे उठकर साफ पानी कहीं और से भरकर लाती है. क्योंकि उन्हें पता है कि सुबह के 6:00 बजे जब वह अपने घर का नल खोलेंगे, तो उन्हें नल से बदबूदार और सीवर जैसा पानी ही मिलेगा. जिसे अगर कोई एक बार पी ले, तो यकीनन वो गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है. लोकल 18 ने यहां पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट की और जनता से लोगों का दर्द जाना. आइये जानते हैं कि लोगों ने क्या-क्या बातें कही.

सीधा सीवर की लाइन से आता है पानी

सबसे पहले आपको बता दें कि यह इलाका नबी करीम है. जो कि द‍िल्‍ली के बल्‍लीमारान विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यहां के विधायक आम आदमी पार्टी के इमरान हुसैन हैं. इस इलाके में पिछले कई महीनो से गंदा पानी आ रहा है. यहां के निवासी नीलम ने बताया कि उन्हें 20 साल हो गए हैं इस इलाके में आए हुए. उन्होंने 20 सालों से साफ पानी नहीं देखा है. जब भी पानी आता है, तो मोटर चलाते हैं, यह सोचकर कि शायद आज साफ पानी आ जाएगा, लेकिन हमेशा काले रंग का ही पानी आता है.

यहीं के निवासी शोभित तिवारी ने बताया कि कभी-कभी साफ पानी आता है, लेकिन ज्यादातर गंदा पानी ही आता है. पानी से बदबू आती है. ऐसे में कुछ लोग सुबह के 4:00 उठकर दूसरे विधानसभा क्षेत्र से साफ पानी भरकर लाते हैं. एक और निवासी सावित्री ने बताया कि जल बोर्ड, विधायक, शासन और प्रशासन सब तक शिकायत की. आज तक साफ पानी यहां की जनता को नहीं मिला है. गंदा पानी देखकर डर लगता है. बच्चों को बताना पड़ता है कि पानी को वो नहीं छुएंगे. गंदे पानी का इस्तेमाल सिर्फ शौचालय, कपड़े धोने और घर की साफ सफाई में किया जाता है. पीने में इस गंदे पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है

इंदौर की ही तरह यहां पर भी मौतों का इंतजार

यहां की रहने वाली उषा देवी ने बताया कि इंदौर में जब गंदा पानी पीने की वजह से मौत हुई. तब वहां की सरकार जाग गई और पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने पर ध्यान देने लगी. यहां पर भी जब 1-2 मौत हो जाएगी. तब सारी व्यवस्थाएं सुधर जाएंगी. उससे पहले शिकायत करते-करते हम लोग थक चुके हैं. उन्होंने बताया कि यहां के सभी घरों में गंदा पानी आता है, जिनके पास पैसा है, वो 40 रुपये की बोतल मार्केट से मंगा कर पीने का पानी और खाने में इस्तेमाल करते हैं, जिनके पास पैसा नहीं है. वो मजबूरी में इसी गंदे पानी को गर्म करके पीने पर मजबूर हैं. यहीं के एक और निवासी बाबूराम ने बताया कि यहां पर जो पानी नलों में आता है. वह सीधा-सीवर की लाइन से जुड़ा हुआ आता है. पानी में सीवर की बदबू आती है.

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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