दिल्ली

दिल्ली में GRAP-3 का ‘जहरीला’ अटैक, क्या फिर बंद होंगे बच्चों के स्कूल?

दिल्ली-एनसीआर के स्कूली बच्चे विंटर वेकेशन पर अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन यहां माहौल कुछ और ही बना हुआ है. दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का कहर फिर से चरम पर है. AQI के 400 के पार पहुंचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों पर फिर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण III लागू कर दिया गया है. इसका मतलब है कि राजधानी और आस-पास के इलाकों में कई सख्त प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे.

इन प्रतिबंधों का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा. इसमें निर्माण कार्यों पर रोक और वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी शामिल है. प्रदूषण का बढ़ता स्तर देखते हुए सबसे बड़ा सवाल है कि क्या छात्रों को जहरीली हवा से बचाने के लिए स्कूल बंद किए जाएंगे और दफ्तरों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ मोड पर लौटना पड़ेगा? GRAP-3 के जरिए हवा की गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोका जाता है. इस चरण के तहत कई सख्त कदम उठाए जाते हैं. प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार जल्द ही स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है.

क्या दिल्ली के स्कूल बंद होंगे?

नवंबर में जब GRAP के प्रतिबंध लागू हुए थे, तब छोटी कक्षाओं के बच्चों (कक्षा 5 तक) के लिए ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड पर पढ़ाई का फैसला लिया गया था. माना जा रहा है कि एक बार फिर इसी तरह के निर्देश जारी किए जा सकते हैं. इससे कम उम्र के बच्चों को बाहर की जहरीली हवा के संपर्क में आने से बचाया जा सकेगा. इसके साथ ही सरकारी और निजी दफ्तरों को भी कर्मचारियों की संख्या 50% तक सीमित करने और वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) लागू करने की सलाह दी जाती है.

GRAP-3 कब लागू होता है?

ग्रैप (GRAP) यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान प्रदूषण की गंभीरता के आधार पर लागू किया जाता है. GRAP-3 तब लागू होता है, जब AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) का स्तर 401 से 450 के बीच पहुंच जाता है. इसे ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी माना जाता है. इस स्तर पर हवा की गुणवत्ता सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो जाती है. बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ता है. इसीलिए छोटे बच्चों के स्कूल ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिए जाते हैं और स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटीज भी बंद हो जाती हैं.

वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस स्टाफ पर असर

GRAP-3 लागू होने के बाद ऑफिस के लिए भी कई दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं. CAQM सरकारी और निजी दफ्तरों को सलाह देता है कि वे अपने कर्मचारियों की संख्या सीमित करें और 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) दें. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होती है. इस पर अंतिम फैसला दिल्ली सरकार लेती है. माना जा रहा है कि ग्रैप 3 लागू होने के बाद ऑफिस में काम करने वालों के लिए भी सख्त गाइडलाइंस जारी की जा सकती हैं.

जल्द शुरू हो सकती है विंटर वेकेशन

दिल्ली में ठंड का असर नजर आना शुरू हो गया है. तापमान में गिरावट के साथ ही आज दिल्ली-एनसीआर पर कोहरे की चादर भी लिपटी हुई थी. दिल्ली के स्कूलों में जल्द ही विंटर वेकेशन का ऐलान किया जा सकता है. ग्रैप 3 लागू होने के बाद माना जा रहा है कि विंटर वेकेशन जल्दी या 2 फेज में भी घोषित की जा सकती हैं. इसका मतलब है कि पहले 1 हफ्ते स्कूल बंद होने के बाद मौसम का मिजाज देखा जाएगा. अगर मौसम में कोई सुधार नहीं होता है तो उसी समय छुट्टी बढ़ा सकते हैं वरना कुछ दिन स्कूल खोलकर फिर विंटर वेकेशन के फेज 2 की घोषणा की जा सकती है.

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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