IND vs NZ, 4th T20I: संजू सैमसन बने गौतम गंभीर के लिए टेशन, लगातार 3 खराब पारियों ने बढ़ाया दबाव

इंटरनेशनल डेब्यू करने के 10 साल से ज़्यादा समय बाद, संजू सैमसन अगले महीने शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप से पहले एक बार फिर मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं.
प्रतिभा की कोई कमी नहीं लेकिन पिछले एक दशक के दौरान टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में प्रदर्शन में निरंतरता की कमी संजू सैमसन को भारतीय क्रिकेट की सबसे दिलचस्प विरोधाभासी शख्सियतों में एक बनाती है. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन मैचों में 10, छह और शून्य के स्कोर के साथ उनका हालिया खराब प्रदर्शन भी निराशाजनक तस्वीर पेश करता है.उनकी यह कमजोर फॉर्म तब और अधिक परेशान करती है जब उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी ईशान किशन का खेल प्रशंसकों और विशेषज्ञों दोनों से वाहवाही लूट रहा है.
क्रिकेट में आंकड़ों और ‘डेटा’ के बीच एक स्पष्ट अंतर होता है, जिसे अक्सर लोग एक ही मान लेते हैं. जहां आंकड़े एक सपाट तस्वीर पेश करते हैं, वहीं ‘डेटा’ उन्हीं आंकड़ों का गहराई ये विश्लेषण करने की कोशिश करता है. सैमसन ने 11 वर्षों में खेले गए 55 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 147 से अधिक की स्ट्राइक रेट से 1048 रन बनाए हैं (आधुनिक टी20 क्रिकेट में औसत को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया जाता है).



