अवैध प्रवासियों’ को वापस भेजने के लिए ढाका के साथ संधि की जरूरत नहीं: हिमंत

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि उनकी सरकार भारत-बांग्लादेश के बीच प्रत्यावर्तन (रिपैट्रिएशन) संधि का इंतज़ार किए बिना ही नई नीति रूपरेखा के तहत ‘अवैध प्रवासियों’ को वापस भेजने की कार्रवाई तेज करेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2026 के विधानसभा चुनाव में राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी और विकास तथा स्वदेशी लोगों के हितों की रक्षा के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने गुरुवार (1 जनवरी, 2026) को कहा कि पिछले कुछ महीनों में असम में अवैध रूप से रह रहे करीब 2,000 विदेशियों को वापस भेजा गया है। इनमें बुधवार (31 दिसंबर, 2025) को भारत-बांग्लादेश सीमा के पार भेजे गए 18 लोग भी शामिल हैं।
नए साल के मौके पर पत्रकारों से पारंपरिक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा,
“यदि पिछले वर्ष 1.45 लाख हेक्टेयर सरकारी भूमि से विदेशियों की बेदखली हमारी पहचान थी, तो 2026 विदेशियों को निष्कासित किए जाने की संख्या के लिए जाना जाएगा।”
उन्होंने ‘पुशबैक’ की इस कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए केंद्र सरकार का भी धन्यवाद किया।



