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अमेरिका-ईरान टकराव: ट्रंप बोले- होर्मुज खोलो और जंग खत्म करो; तेहरान की दो टूक- नहीं छोड़ेंगे परमाणु कार्यक्रम!

अमेरिका-ईरान टकराव: ट्रंप बोले- होर्मुज खोलो और जंग खत्म करो; तेहरान की दो टूक- नहीं छोड़ेंगे परमाणु कार्यक्रम.

दुनियाभर में बढ़ते तेल संकट और आर्थिक दबाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से स्पष्ट कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए और युद्ध समाप्त किया जाए। इस्राइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ हफ्तों तक चले सैन्य तनाव के बाद अब ट्रंप कुछ नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। वह एक ऐसे समझौते की ओर भागते दिख रहे हैं जो संघर्ष की शुरुआत में घोषित उनके बड़े लक्ष्यों से काफी पीछे रह जाता है। अब ईरान का आत्मसमर्पण और उसके परमाणु ढांचे को खत्म करन के बजाय अमेरिका का तात्कालिक उद्देश्य काफी छोटा और सीमित हो गया है।

ईरान का सख्त रुख: परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ा जाएगा
उधर, ईरान ने अमेरिका की शर्तों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। तेहरान ने कहा है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म नहीं करेगा और न ही संवर्धित यूरेनियम किसी देश को सौंपेगा। ईरान का यह भी कहना है कि किसी भी समझौते पर अंतिम फैसला देश के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। हालांकि ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा, ईरान दुनिया को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता। पेजेश्कियन के मुताबिक उनका देश अशांति नहीं चाहता। उन्होंने इस्राइल को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘यह यहूदी शासन है जो जंग और अशांति बरकरार रखने के लिए हर मौके का इस्तेमाल कर रहा है।

पेजेश्कियन ने इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्ट के मुताबिक पेजेश्कियन ने कहा, देश की सरकार की प्राथमिकता लोगों की रोजी-रोटी पक्का करना है। समस्याओं के बावजूद अधिकारी लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। हम एलान करते हैं कि हम दुनिया को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार हैं कि हम न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहते। इस इलाके को अस्थिर करने की कोशिश करने वाला इस्राइली शासन है। वे ‘ग्रेटर इस्राइल’ की योजना पर काम कर रहे हैं।

रूबियो बोले- जल्द आएगी अच्छी खबर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि तेहरान के साथ एक नई सहमति के तहत यह जलडमरूमध्य खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने रविवार को भी कहा कि वॉशिंगटन और ईरान ने एक समझौते को लेकर काफी हद तक बातचीत कर ली है। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौते तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी युद्धविराम को लेकर वार्ता आगे बढ़ने की बात कही है। उन्होंने यहां तक कहा है कि आने वाले कुछ घंटों में अच्छी खबर मिलेगी।

क्षेत्रीय कूटनीति और ईरान पर दबाव
ट्रंप ने शनिवार को बताया कि उन्होंने बहरीन, जॉर्डन, मिस्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) कतर, पाकिस्तान व तुर्किये के साथ-साथ अलग से इस्राइल से वार्ता की। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बिना विस्तृत जानकारी के सिर्फ इतना लिखा, सौदे के अंतिम पहलुओं और विवरणों पर इस समय चर्चा चल रही है और जल्द ही इनकी घोषणा की जाएगी।

ईरान के पास 60 प्रतिशत संवर्धित 441 किलो यूरेनियम
दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को रोकने के लिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाले समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शामिल करने की संभावना है। अमेरिका यह शर्त रख सकता है कि ईरान कोई परमाणु कार्यक्रम नहीं संचालित करेगा और संवर्धित यूरेयिनम उसे सौंपे। अधिकारी बताते हैं कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर वार्ता जारी रह सकती है। ईरान किस प्रकार संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को देगा, इस मुद्दे पर 60 दिनों के युद्धविराम के बीच चर्चा होगी। अधिकारी ने बताया कि यूरेनियम के एक हिस्से को नष्ट किया जा सकता है और बाकी हिस्से को किसी तीसरे देश, संभवतः रूस को सौंपा जा सकता है। ईरान के पास 60 प्रतिशत संवर्धित 441 किलो यूरेनियम है जिसे 90 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा सकता है। लेकिन, ईरान के एक अधिकारी ने साफ कहा है कि तेहरान न तो परमाणु कार्यक्रम छोड़ेगा और न ही अपना यूरेनियम किसी को देगा।

60 दिनों के युद्धविराम में होर्मुज शामिल
वार्ता की सीधी जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि समझौते में 60 दिनों का युद्धविराम शामिल हो सकता है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना भी शामिल होगा जिसके जरिये दुनियाभर में 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। इसके बदले तेहरान को तेल बेचने की अनुमति दी जा सकती है। समझौते में ईरानी तटों की नाकाबंदी खत्म करना और अमेरिका तथा पश्चिमी देशों में फ्रीज की गई संपत्तियां भी शामिल हो सकती हैं। संपत्तियों को अनफ्रीज करने के मुद्दे पर युद्धविराम के दौरान वार्ता हो सकती है।

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