गंगा एक्सप्रेसवे पर अभी फ्री सफर, 15 दिन बाद लगेगा टोल — जानिए कितनी होगी दरें

गंगा एक्सप्रेसवे पर अभी फ्री सफर, 15 दिन बाद लगेगा टोल — जानिए कितनी होगी दरें
नई दिल्ली/लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू हो चुका है, लेकिन फिलहाल यात्रियों के लिए राहत की खबर है—अभी इस एक्सप्रेसवे पर कोई टोल नहीं लिया जा रहा। हालांकि, टोल दरें तय कर दी गई हैं और करीब 15 दिनों के भीतर टोल वसूली शुरू होने की संभावना है।
यूपीडा के निर्देशों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर टोल सिस्टम पूरी तरह तैयार है। शुरुआती दिनों में संचालन को सुचारु बनाने के लिए इसे फिलहाल फ्री रखा गया है। साथ ही, वाहनों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किमी/घंटा तय की गई है, ताकि सफर तेज और सुरक्षित दोनों रहे।
टोल दरें अलग-अलग वाहनों के हिसाब से तय की गई हैं:
दोपहिया/तिपहिया/ट्रैक्टर: ₹1.28 प्रति किमी
कार, जीप, वैन: ₹2.55 प्रति किमी
हल्के वाणिज्यिक वाहन: ₹4.05 प्रति किमी
बस/ट्रक/मिनी बस: ₹8.20 प्रति किमी
भारी मशीनरी वाहन: ₹12.60 प्रति किमी
मल्टी-एक्सल (7+ एक्सल): ₹16.10 प्रति किमी
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को सीधे कनेक्ट करता है। इस पर सफर करने से पहले जहां 10-12 घंटे लगते थे, अब यह दूरी करीब 6 घंटे में पूरी हो सकेगी—यानी समय की बड़ी बचत। इस एक्सप्रेसवे को हर मौसम के अनुकूल बनाने के लिए खास तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है:
100 मिमी मोटी डामर परत
485–500 मिमी मोटा कैरिजवे
CBR (California Bearing Ratio) तकनीक
भारी ट्रैफिक सहने की क्षमता (79–108 MSA)
साथ ही, AI आधारित मॉनिटरिंग और स्विस सेंसर तकनीक भी लगाई गई है, जिससे सड़क की स्थिति और सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा सके।
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि विकास की नई धारा माना जा रहा है। इससे:
उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
पर्यटन को गति मिलेगी
रोजगार के नए अवसर बनेंगे
गंगा एक्सप्रेसवे पर अभी सफर मुफ्त है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रहने वाली। अगले 15 दिनों में टोल शुरू होते ही यह हाईटेक सड़क उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन बनकर पूरी रफ्तार से दौड़ने लगेगी।



