दिल्ली

महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम के बीच PM मोदी आज रात्रि 8:30 करेंगे राष्ट्र को संबोधित!

महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम के बीच PM मोदी आज रात्रि 8:30 करेंगे राष्ट्र को संबोधित!

नई दिल्ली:
संसद में महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से इसकी जानकारी दी गई है, हालांकि संबोधन का विषय आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह संबोधन महिला आरक्षण बिल से जुड़े मुद्दे पर हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं कर महिलाओं के हितों के खिलाफ काम किया है। उन्होंने इसे विपक्ष की “बड़ी राजनीतिक गलती” बताते हुए कहा कि भविष्य में उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचना चाहिए कि कौन महिलाओं के अधिकारों के साथ खड़ा है और कौन नहीं।

बिल पास न होने पर बढ़ा राजनीतिक टकराव
महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है। इस बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना था, साथ ही लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करना और परिसीमन लागू करना भी इसमें शामिल था। मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया, जिससे यह आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका।

विपक्ष का पलटवार
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। प्रियंका गाँधी ने इसे “लोकतंत्र की बड़ी जीत” बताते हुए कहा कि यह बीजेपी के लिए “काला दिन” है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को 2014 के बाद पहली बार संसद में ऐसी हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, बीजेपी की ओर से भी जवाबी हमला जारी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

क्या होगा आगे?
प्रधानमंत्री का आज का संबोधन इस पूरे घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है। उम्मीद है कि वह इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करेंगे और आगे की रणनीति का संकेत दे सकते हैं। फिलहाल, महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति में तीखी बहस जारी है और सभी की नजरें अब प्रधानमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं।

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