Nitish Kumar का जनता के बीच जाना, CM कुर्सी छोड़ने से पहले बड़ा सियासी संदेश?

Nitish Kumar का जनता के बीच जाना, CM कुर्सी छोड़ने से पहले बड़ा सियासी संदेश?
पटना: नीतीश कुमार 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ पर निकलेंगे। इस दौरान उनका मुख्य पड़ाव मधेपुरा होगा, जहां वे तीन दिनों तक प्रवास करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 10 मार्च को सुपौल से होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मधेपुरा पहुंचेंगे, जहां वे नवनिर्मित पुलिस लाइन मधेपुरा का लोकार्पण करेंगे। इसे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सीमांचल और कोसी के कई जिलों का दौरा
अपनी इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सीमांचल और कोसी क्षेत्र के कई जिलों का दौरा करेंगे। इनमें मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और खगड़िया शामिल हैं।
11 मार्च को वे किशनगंज और अररिया में ‘प्रगति यात्रा’ के तहत विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। वहीं 12 मार्च को उनका कार्यक्रम कटिहार और पूर्णिया में निर्धारित है। यात्रा के अंतिम चरण में 13 मार्च को वे मधेपुरा से सहरसा और खगड़िया के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेना और लोगों से सीधे संवाद करना है।
निशांत कुमार आज जेडीयू में होंगे शामिल
इस बीच बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच उनके पुत्र निशांत कुमार आज दोपहर 1 बजे औपचारिक रूप से जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण की |
पार्टी के जेडीयू प्रदेश कार्यालय पटना में उनके स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जानकारी के मुताबिक पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार भी राज्य के विभिन्न इलाकों का दौरा करेंगे, ताकि जनता से सीधे संवाद कर संगठन को
जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा
निशांत कुमार की इस राजनीतिक एंट्री को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर उन्हें भविष्य में मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठ चुकी है।
हालांकि सूत्रों के अनुसार शुरुआती दौर में उन्हें डिप्टी सीएम या गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सक्रिय राजनीति में निशांत कुमार की एंट्री से न सिर्फ जनता दल (यूनाइटेड) को नई दिशा मिल सकती है, बल्कि बिहार के आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका असर पड़ सकता है।



