मेट्रो स्टेशन का नाम हिंदी में बदलने में लग जाएंगे 45 लाख, DMRC ने बताया कहां-कहां फंसेगा पेंच

मेट्रो स्टेशन का नाम हिंदी में बदलने में लग जाएंगे 45 लाख, DMRC ने बताया कहां-कहां फंसेगा पेंच
दिल्ली मेट्रो के सुप्रीम कोर्ट स्टेशन के नाम बदलने की मांग को लेकर DMRC ने दिल्ली हाई कोर्ट में बताया कि नाम परिवर्तन में 45 लाख रुपये तक खर्च आएगा और इससे अन्य याचिकाओं की भी बाढ़ आ सकती है.
नई दिल्ली:
दिल्ली की पहचान बन चुके मेट्रो स्टेशनों के नाम अब भाषा की बहस में घिर गए हैं. राजधानी के सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन का हिंदी नाम बदलकर ‘सर्वोच्च न्यायालय’ करने की मांग हाई कोर्ट पहुंची, तो मामला सिर्फ नाम तक सीमित नहीं रहा. दिल्ली मेट्रो ने कोर्ट को बताया कि यह बदलाव 45 लाख रुपये तक का खर्च खड़ा कर देगा और साथ ही ऐसी कई और याचिकाओं की बाढ़ ला सकता है.
क्या है मामला?
उमेश शर्मा नाम के एक याचिकाकर्ता ने इसे लेकर जनहित याचिका दायर की है. उनका कहना है कि जब हिंदी में नाम लिखना है, तो ‘सुप्रीम कोर्ट’ की जगह ‘सर्वोच्च न्यायालय’ ही होना चाहिए।



