निर्मम हत्या के बाद टूटा परिवार,हाईकोर्ट के पूर्व उपाध्यक्ष ने आर्थिक मदद व विधिक सहायता का दिया भरोसा

*गोंडा*
गोंडाजिले के अंतर्गत इटियाथोक थाना क्षेत्र के करूआ पारा गांव निवासी अरुण तिवारी की बीते दिनों चंडीगढ़ के एक होटल में चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना पाकर हाईकोर्ट के पूर्व उपाध्यक्ष गणेश नाथ मिश्रा गांव पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मृतक की पत्नी नेहा तिवारी को ढांढस बंधाते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की तथा न्याय दिलाने के लिए हर संभव विधिक सहयोग का आश्वासन दिया।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक अरुण तिवारी अपने परिवार के एकमात्र सहारे थे। उनकी दो बेटियां हैं—एक की उम्र मात्र छह वर्ष और दूसरी अभी पांच माह की है। पति की असमय मौत के बाद अब दोनों मासूम बच्चियों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां नेहा तिवारी के कंधों पर आ गई है। अधिवक्ता गणेश नाथ मिश्रा ने समाज के जिम्मेदार लोगों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे आगे आकर पीड़ित परिवार की मदद करें, जिससे बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। इस दौरान करूआ पारा के पूर्व ग्राम प्रधान धीरेंद्र शुक्ल, बी.एन. तिवारी, राजेश ओझा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।



