
संवाद सूत्र, उचाना कलां (जींद)। जिले के उचाना कलां में सुरेंद्र के परिवार की खुशी का उस समय ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें सूचना मिली कि नौ बेटियों के बाद बेटे ने जन्म लिया है। नागरिक अस्पताल में करीब चार बजे गर्भवती रीतू पहुंची। रीतू को पहले नौ बेटियां हैं। ऐसे में सभी भगवान से दुआ कर रहे थे कि इस बार बेटा हो, ताकि नौ बेटियों को भाई मिले।सुरेंद्र के दूसरे भाई के भी तीन बेटी हैं, उनके भी भाई नहीं है। ऐसे में 12 बहनों को भाई मिला है। पिता सुरेंद्र ने कहा कि भगवान की कृपा से नौ लड़कियों के बाद बेटा हुआ है। जब भी बेटी होती, तो सब कहते थे भगवान बेटा दे इसको।भगवान की कृपा से बेटा हुआ है, जिससे सभी को खुशी हुई है। बेटे का नाम दिलखुश रखा है। इस तरह से नौ बेटियों के बाद बेटा हुआ है, बेटियों को भाई मिल गया। दो लड़कियों की शादी पिछले साल नवंबर में हुई थी। सबसे छोटी बेटी की उम्र तीन साल है। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 21 साल है।कल्पना, आरती, भारती, खुशी, मानसू, रजनी, रजीव, काफी, माफी बेटियों के नाम हैं। मां रीतू ने कहा कि भगवान ने नौ बेटियों के बाद बेटा दिया है। 24 साल शादी को हो चुके हैं। मौसी वीना ने बताया कि बेटा होने पर मौसी व मामा सभी को खुशी हुई है। बहुत खुशी है। चचेरी बहन कल्पना ने कहा कि बहुत खुश हैं।23 साल के बाद हमारे घर में छोटा बाबू आया है। बहुत खुश हैं, जिसको बयां नहीं कर सकते हैं। मेरी चाची को बेटा हुआ है। मौसी वीना ने कहा कि आज सारी दुनिया की खुशी हमें मिल गई है। नौ बेटियों के बाद बेटा हुआ है। मेरे ताऊ के तीन बेटे थे। बड़ा भाई गुजर चुका है, जिसके तीन बेटी हैं। उसके भी कोई बेटा नहीं है।अब 12 बेटियों को भाई मिल गया है। सगी बहनें नौ हैं, तीन ताऊ की बेटी हैं। परिवार की सदस्य प्रवीण देवी ने कहा कि डिलीवरी सही हुई है। एक बार बीपी बढ़ गया था, लेकिन बाद में नॉर्मल हो गया। पूरा परिवार खुश है।करीब दो सप्ताह पहले भी उचाना में एक महिला की डिलीवरी हुई थी। फतेहाबाद जिले के गांव ढाणी भोजराज की रहने वाली महिला सुनीता ने 10 बेटियों के बाद बेटे को जन्म दिया था। उस लड़के का नाम भी दिलखुश रखा गया था। परिवार ने मिठाइयां बांटी थी।



