गणतंत्र दिवस पर स्वदेशी गन से 21 तोपों की सलामी से पहले शस्त्र पूजा, 52 सेकंड में पूरा होगा सैन्य अभ्यास

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर 21 तोपों की सलामी भारतीय सेना के अनुशासन और स्वदेशी ताकत का प्रतीक बनेगी। मेजर पवन सिंह शेखावत ने बताया कि स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग किया जाएगा, जो 17.2 किमी तक मारक क्षमता रखती है। यह पूरी प्रक्रिया राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ 52 सेकंड में पूरी होती है, जो आत्मनिर्भर भारत और सैन्य परंपरा को दर्शाती है।
देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर होने वाली 21 तोपों की सलामी एक बार फिर भारतीय सेना की अनुशासन, सटीकता और स्वदेशी ताकत का प्रतीक बनेगी। सेरेमोनियल बैटरी के मेजर पवन सिंह शेखावत ने इसे यूनिट के लिए एक गर्व का क्षण बताया है।
मेजर शेखावत ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर तोपों को पहले ही कर्तव्य पथ पर शिफ्ट कर दिया गया है और इसके लिए कई चरणों में रिहर्सल पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाद से स्वदेशी हथियार अभियान के तहत विदेशी तोपों की जगह स्वदेशी तोपों को अपनाया गया है।



