बिहार की यात्रा कर नीतीश क्या चमका देंगे बिहार को? 20 साल में 16वीं यात्रा का क्या है सच.

विकसित बिहार में हर बार नयी कहानी बयां करने निकली नीतीश कुमार की यात्रा बिहारवासियों से लोक संवाद स्थापित करने में सफल रही है। साल 2005 से शुरू होने वाली न्याय यात्रा से 2026 में शुरू हुई समृद्धि यात्रा, इन सभी यात्राओं से राज्य के लोगों को सरकार के सामने अपनी बात रखने का मौका मिलता है।16 जनवरी को बेतिया से शुरू हो चुके मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा प्रदेश के लोगों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है। इस बार यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से सूबे के चौतरफा विकास के लिए 153 करोड़ की लागत से 125 नई योजनाओं का शुभारंभ करने जा रहा है। जिसमें महिला सशक्तिकरण, विकसित युवा समेत जन-जन को समृद्ध व कौशल बनाने के लिए कई नयी परियोजनाओं को शामिल किया गया है।
यात्रा में किसानों को मिलेगा
वहीं इस यात्रा में राज्य किसान के सपनों को नया आयाम दिया जायेगा। जिसके तहत किसानों के लिए विशेष मेला सहित कृषि यंत्रीकरण की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जायेगा। इस मेले में चंपारण में बन रहे कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र का मुख्यमंत्री द्वारा भ्रमण भी किया जायेगा।
2005 में लेकर अब तक मुख्यमंत्री की 16वीं यात्रा
सुशासन की सरकार में लोगों से सीधा संपर्क बनाने के लिए साल 2005 में ही न्याय यात्रा का आयोजन किया गया है। वहीं यात्रा की सफलता को देखते हुए नीतीश कुमार ने साल 2009 में बिहार के जिलों में तीन यात्रा विकास, धन्यवाद व प्रवास या यात्रा करने का मन बनाया। यह मुख्यमंत्री के विकास कार्यों का नतीजा है कि साल 2010 में विश्वास यात्रा के बाद एनडीए की सरकार को बिहार की जनता से पूर्ण बहुमत देकर विजय बनाया। जिसके बाद नीतीश कुमार ने जनता के प्रति आभार प्रकट करने के लिए 2011 में सेवा यात्रा की शुरुआत की।



