वेज बिरयानी में हड्डी! गाजियाबाद में संयोग या प्रयोग? 2 दिन में 2 घटनाएं, आरोपी 1

गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर इलाके में वेज बिरयानी के नाम पर हड्डी मिलने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी फैल गई है. अनिल शर्मा नाम के व्यक्ति ने आर.के. बिरयानी नाम की रेहड़ी से अपने परिवार के लिए वेज बिरयानी पैक कराई थी, लेकिन घर पहुंचकर जब परिवार की महिलाओं ने खाना शुरू किया तो बिरयानी के बीच से हड्डी का टुकड़ा निकल आया.
हड्डी दिखते ही परिवार में हड़कंप मच गया और अनिल शर्मा तुरंत बिरयानी की थैली लेकर रेहड़ी पर पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि जो व्यक्ति खुद को राहुल बताकर वेज बिरयानी बेच रहा था, उसका असली नाम राशिद है. विक्रेता की पहचान बदलने की बात सामने आते ही मौके पर मौजूद लोगों में गुस्सा भड़क गया और देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई.
24 दिसंबर को भी हुआ था ऐसा ही कांड
वहीं 24 दिसंबर को एक महिला ने थाना लोनी बॉर्डर में तहरीर देकर बताया कि वह 80 फुटा चौराहा नीलम फैक्ट्री के पास मौजूद वेज बिरयानी के ठेले से बिरयानी पैक करवाकर घर ले गई थी. जब वह खाने बैठी तो उसमें हड्डी का टुकड़ा मिला. महिला ने तुरंत बिरयानी की दुकान पर जाकर शिकायत की, लेकिन वहां मौजूद दुकानदार ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी. जांच के दौरान पता चला कि बिरयानी बेचने वाला व्यक्ति अपने असली नाम राशिद की जगह राहुल नाम से दुकान चला रहा था.
क्या पुलिस की जांच में सुलझेगी गुत्थी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कर विक्रेता राशिद को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि वेज बिरयानी में हड्डी कैसे मिली, क्या यह लापरवाही थी या जानबूझकर किया गया कृत्य, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है और खाद्य सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी जांच की जाएगी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वेज के नाम पर मांस परोसा जाना न केवल भावनाओं से खिलवाड़ है, बल्कि स्वास्थ्य और कानून दोनों के साथ गंभीर खिलवाड़ है. लोगों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि दोबारा कोई दुकानदार इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके.



