शिवराज सिंह चौहान को यह कैसा खतरा? गृह मंत्रालय हुआ अलर्ट, Z+ सिक्योरेटी के बाद भी बढ़ाई सुरक्षा

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिले खुफिया इनपुट के बाद उनकी सुरक्षा को और पुख्ता कर दिया गया है. इनपुट मिलते ही देर रात दिल्ली और भोपाल स्थित उनके आवासों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए, जिस पर संबंधित एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी.
भोपाल में 74 बंगला क्षेत्र स्थित बी-8 आवास के चारों ओर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. शिवराज चौहान के आवास के बाहर और आसपास बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है. संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है. प्रवेश और निकास बिंदुओं पर चेकिंग सख्त कर दी गई है, वहीं आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त भी तेज कर दी गई है.
इसी तरह दिल्ली स्थित केंद्रीय मंत्री के सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा समीक्षा के बाद अतिरिक्त बल तैनात किया है और प्रोटोकॉल के तहत सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं.
शिवराज सिंह के पास कैसी सुरक्षा?
गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जो देश में सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में मानी जाती है. इसके बावजूद ताजा खुफिया इनपुट को गंभीरता से लेते हुए उनकी सुरक्षा में और इजाफा किया गया है. Z+ सुरक्षा के तहत एनएसजी कमांडो सहित कुल करीब 55 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं.
गृह मंत्रालय ने क्या दिया निर्देश?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में मध्य प्रदेश के डीजीपी, दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंत्री की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए.
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और खुफिया जानकारी के आधार पर समय-समय पर सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की जा रही है. फिलहाल किसी विशेष खतरे को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं. केंद्र और राज्य सरकारें आपसी समन्वय के साथ यह सुनिश्चित कर रही हैं कि केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे.



