भोपाल में वायु गुणवत्ता गंभीर, AQI डेटा में हेरफेर का आरोप।

👉 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस सीज़न में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच गई है, जहाँ AQI 300 से 336 के बीच दर्ज किया जा रहा है। इस बीच एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासनिक क्षेत्रों के आसपास बार-बार पानी का छिड़काव कर प्रदूषण के आंकड़ों को कृत्रिम रूप से कम दिखाया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार यह वास्तविक प्रदूषण छिपाने का प्रयास है।
प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारणों में पराली जलाना, निर्माण व मेट्रो परियोजनाओं की धूल, वाहनों का धुआँ, कोयले का उपयोग और बिना PUC वाले वाहनों की बड़ी संख्या शामिल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सांस संबंधी बीमारियों के लिए गंभीर खतरा बताया है, वहीं प्रदूषण के कारण 336 परिवारों के पलायन की रिपोर्ट भी सामने आई है।
याचिका में AQI डेटा से छेड़छाड़ को संविधान के अनुच्छेद 21 और पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन बताया गया है तथा डेटा मैनिपुलेशन रोकने और सख्त प्रदूषण नियंत्रण की मांग की गई है।



