अंतरराष्ट्रीय

भारत-स्वीडन ने स्टील और सीमेंट क्षेत्रों में सात डी-कार्बोनाइजेशन प्रोजेक्ट शुरू किए।

दिसंबर 2025 में भारत और स्वीडन ने स्टील व सीमेंट सेक्टर में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए सात संयुक्त डी-कार्बोनाइजेशन परियोजनाएँ शुरू कीं। यह पहल भारत के 2070 नेट-जीरो लक्ष्य को समर्थन देने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई है।

इन परियोजनाओं में हाइड्रोजन का उपयोग कर लो-कार्बन स्टील निर्माण, स्टील स्लैग का पुनर्चक्रण कर ग्रीन सीमेंट बनाना तथा सीमेंट उत्पादन में डी-कार्बोनाइजेशन को तेज करने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समाधान शामिल हैं। सभी परियोजनाएँ LeadIT इंडस्ट्री ट्रांज़िशन पार्टनरशिप के तहत प्री-पायलट स्टडी के रूप में संरचित की गई हैं।

इन पहलों को भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) और स्वीडिश एनर्जी एजेंसी द्वारा संयुक्त रूप से समर्थन दिया जा रहा है। भारतीय साझेदार कंपनियों में टाटा स्टील, जेके सीमेंट, अंबुजा सीमेंट, जिंदाल स्टील एंड पावर, प्रिज़्म जॉनसन और माय होम इंडस्ट्रीज़ शामिल हैं, जबकि स्वीडन की ओर से Cemvision, Kanthal, Swerim, Höganäs AB, Metsol AB और Captimise AB साझेदार हैं।

IIT बॉम्बे, IIT-ISM धनबाद, IIT भुवनेश्वर, IIT हैदराबाद और दत्ता मेघे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जैसे शोध संस्थान भी परियोजनाओं में भाग ले रहे हैं। ये पहल भारत के 2070 नेट-जीरो लक्ष्य और स्वच्छ अवसंरचना विकास के दीर्घकालिक जलवायु मिशन के अनुरूप हैं।

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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