
2015 में मुलाकात हुई, 2018 में प्रपोज किया, तब कहीं जाकर 2025 में थाईलैंड की नारूएपक भारतीय बहू बनी. इंदौर में महू के रहने वाले जयंत सोनी से शादी हुई. पूरा विवाह हिंदू रीती रिवाजों और बैंड बाजे के साथ संपन्न हुआ. नैन परंपरिक भारतीय दुल्हन के लिबाज में रहीं. अब ससुराल में नारूएपक, नैन हो चुकी हैं. हालांकि, नैन अब भी हिंदी नहीं जानतीं. वह अंग्रेजी में ही बात करती हैं. पढ़ें लव मैरिज की अनोखी केमिस्ट्री
शादी तक आने में 10 साल लग गए…
जयंत सोनी ने लोकल 18 को बताया, वर्षों से थाईलैंड के फुकेट में वह हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अपना व्यवसाय चला रहे हैं. इसी दौरान उनकी मुलाकात नैन से हुई थी. नैन शुरुआत में जयंत की कंपनी में उनकी असिस्टेंट थीं. काम के सिलसिले में शुरू हुई यह मुलाकात धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदल गई. तकरीबन दस साल तक दोनों ने साथ काम किया व मुसीबत के समय में एक दूसरे की मदद भी की. इस दौरान एक-दूसरे के प्रति समझदारी और सम्मान ने उनके रिश्ते को और मजबूत बना दिया, 2018 में जयंत ने नैन को प्रपोज किया था.
जयंत के बारे में कही ये बात…
नैन ने बताया, उन्हें भारत की बहू बनकर और हिंदू रीति रिवाज से शादी करना बहुत अच्छा लगा. आसपास लोगों के व्यवहार और प्यार ने उनका दिल जीत लिया है. भाषा के सवाल पर कहा, प्यार और आत्मियता जहां होती है, वहां भाषा की दीवार खत्म हो जाती है. जयंत के बारे में नैन कहतीं हैं, शुरुआत में जयंत को थोड़ा कठोर और गुस्सैल समझती थी, लेकिन समय के साथ उन्हें पता चला कि जयंत दिल के बहुत अच्छे और नेक इंसान हैं.
जब पहली बार भारत आई तो…
जयंत ने एक बार नैन को अपनी बहन की शादी में भारत बुलाया था. तब नैन की भारत की पहली यात्रा थी. उस यात्रा में ही उनकी जिंदगी बदल गई थी. इस दौरान नैन ने भारतीय परंपराओं और संस्कृति को करीब से महसूस किया और सोनी परिवार ने भी उन्हें खुले दिल से अपनाया. विवाह में थाईलैंड से नैन के माता-पिता और करीबी दोस्त भी महू पहुंचे थे. लाल जोड़े और खूबसूरत भारतीय लहंगे में सजी नैन ने हाथों में मेहंदी लगाई थी. गले में मंगलसूत्र और मांग में सिंदूर के साथ नैन भारतीय दुल्हन ही लग रही थीं.



