दो साल के इंतजार के बाद, भारत की पहली हाइड्रोजन- संचालित जल टैक्सी वाराणसी में परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल 4 दिसंबर को नमो घाट से इस जलयान को झंडी दिखाएंगे, जो पर्यावरण- अनुकूल जल परिवहन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों के अनुसार, यह हाइड्रोजन जल टैक्सी पारंपरिक जल टैक्सियों की तुलना में कम समय में अधिक दूरी तय करेगी, जिससे ईंधन की महत्वपूर्ण बचत होगी। इस जलयान में एक दोहरे मोड वाला इंजन है, जिसमें हाइड्रोजन ईंधन सेल के साथ एक इलेक्ट्रिक बैकअप विकल्प भी है। परिचालन को समर्थन देने के लिए चार रिफ्यूअलिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जो हाइड्रोजन रिफ्यूइलिंग और इलेक्ट्रिक चार्जिंग दोनों की सुविधा प्रदान करेंगे।
वाणिज्य जलमार्ग प्राधिकरण ऑफ इंडिया (IWAI) वाराणसी के निदेशक संजीव कुमार ने पुष्टि की कि परियोजना लंबे समय से मंत्रालय की मंजूरी का इतंजार कर रही थी। सेवा शुरूआत में काशी में एक पायलट परियोजना के रूप में चलेगी। इसके सफल होने पर, मॉडल को भारत के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।



