ISIS और अलकायदा को लेकर आतंकियों में थे मतभेद, लाल किला ब्लास्ट में कई नए खुलासे

वागे को छोड़कर, समूह के सदस्यों ने पहले अफगानिस्तान जाने की कोशिश की थी, लेकिन विफल रहे। इसके बाद उन्होंने घर पर ही लक्ष्य खोजने का फैसला किया। उमर 2023 से ही IEDs पर रिसर्च कर रहा था।
लाल किला कार बम विस्फोट मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि जैश-ए-मोहम्मद (JeM) आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों के बीच विचारधारा, वित्त और हमले के तरीके को लेकर गंभीर मतभेद थे। आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी इस गुट के अन्य सदस्यों से अलग राय रखता था, जिसके चलते उसने अक्टूबर की शुरुआत में अपने साथी अदील राथर की शादी में भी शिरकत नहीं की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल गनई, अदील राथर और मुफ्ती इरफान वागे अक्सर उमर के विचारों से सहमत नहीं होते थे।
उमर नबी का झुकाव ISIS की विचारधारा की ओर था, जिसका लक्ष्य खिलाफत स्थापित करना और करीबी दुश्मन को निशाना बनाना होता है। उमर ने कथित तौर पर कश्मीर में खुद को बुरहान वानी और जाकिर मूसा की आतंकवादी विरासत का उत्तराधिकारी माना। बाकी गुट अल-कायदा की विचारधारा की ओर अधिक झुकाव रखता था, जो पश्चिमी संस्कृति और दूर के दुश्मनों पर हमला करने पर जोर देता है।
वागे को छोड़कर, समूह के सदस्यों ने पहले अफगानिस्तान जाने की कोशिश की थी, लेकिन विफल रहे। इसके बाद उन्होंने घर पर ही लक्ष्य खोजने का फैसला किया। उमर 2023 से ही IEDs पर रिसर्च कर रहा था।



