मेडिकल कॉलेज को मिला इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी का अनुमोदन

*अब डॉक्टर व स्टूडेंट आधिकारिक अनुमति लेकर कर सकेंगे शोध कार्य*
*गोंडा*
गोंडाजिला मुख्यालय पर स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गोंडा को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, भारत सरकार की ओर से इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी का औपचारिक अनुमोदन प्राप्त हो गया है। इस स्वीकृति के साथ संस्थान में डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और एमबीबीएस विद्यार्थियों द्वारा किये जाने वाले सभी शोध कार्य अब समिति की अनुमति लेकर विधिवत रूप से संचालित किए जा सकेंगे। यह संस्थान के शैक्षणिक और अनुसंधानिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
एथिक्स कमेटी में विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी व प्रतिनिधिक सदस्य शामिल किए गए हैं। जिनमें बीएचयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर को कमेटी का चेयरमैन नियुक्त करते हुए,
अन्य सदस्यों में विधिक विशेषज्ञ के रूप में एक एडवोकेट, एक सदस्य सोशल साइंटिस्ट, सामान्य पर्सन (सामान्य जनप्रतिनिधि) के रूप में एक सदस्य के अलावा कॉलेज बाहरी एक वरिष्ठ संकाय सदस्य, कॉलेज के चार फैकल्टी सदस्य शामिल किए गए हैं।
इन सदस्यों की संरचना संस्थान में होने वाले शोध कार्यों को पारदर्शी, वैज्ञानिक, नैतिक और मानकों के अनुरूप बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी को हेल्थ एंड रिसर्च निदेशालय की स्वीकृति मिलना हमारे संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे शोध कार्यों को एक व्यवस्थित, सुरक्षित और नैतिक ढांचा मिलेगा। डॉक्टरों और विद्यार्थियों को अब अपने रिसर्च प्रोटोकॉल समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा मिलेगा। यह उपलब्धि न केवल संस्थान की शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि मरीज हित में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत एथिक्स कमेटी की स्थापना से संस्थान में क्लीनिकल व नॉन-क्लीनिकल शोध, सामुदायिक अध्ययन, मेडिकल इनोवेशन तथा छात्र प्रोजेक्ट्स को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों की श्रेणी में कदम रखने की ओर बढ़ चला है।



