वेबसाइट बंद, फोरेंसिक ऑडिट और मनी ट्रेल… अल फलाह यूनिवर्सिटी की हर एंगल से होगी जांच, क्या कोई दुबई कनेक्शन भी?

हरियाणा स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है. दो दिन पहले यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक होने की घटना के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने साइट को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है. सूत्रों के मुताबिक, वेबसाइट से छात्रों और स्टाफ की महत्वपूर्ण जानकारियां लीक होने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है. साथ ही अब यूनिवर्सिटी का पूरा फोरेंसिक ऑडिट कराया जाएगा ताकि साइबर हैकिंग और फंडिंग से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा सके.
अब ईडी करेगी जांच
इस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया है. ईडी को शक है कि यूनिवर्सिटी के जरिए विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क चलाया जा रहा था. एजेंसी जल्द ही अल फलाह यूनिवर्सिटी की फंडिंग सोर्स, उसके दुबई कनेक्शन और उससे जुड़े खातों की जांच शुरू करेगी. बताया जा रहा है कि ईडी की टीम ने यूनिवर्सिटी से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज पहले ही तलब कर लिए हैं
जैश टेरर मॉड्यूल कनेक्शन की भी जांच
ईडी सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत टेकओवर करने की तैयारी में है। खास बात यह है कि यह जांच केवल साइबर हैकिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जैश टेरर मॉड्यूल से संभावित कनेक्शन और फंडिंग के रूट की भी पड़ताल की जाएगी.
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट वाली जगह पर एजेंसी जांच करते हुए
गृह मंत्रालय की बैठक में हुआ बड़ा फैसला
जानकारी के मुताबिक, आज गृहमंत्री के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में ईडी डायरेक्टर भी मौजूद थे. इसी बैठक में यह तय हुआ कि यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन और विदेशी फंडिंग की दिशा-प्रवाह की जांच ईडी करेगी. फिलहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की टीमें अल फलाह यूनिवर्सिटी के फरीदाबाद स्थित कार्यालय में मौजूद हैं और वहां से दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं.
कांग्रेस शासनकाल में मिला था विशेष दर्जा
सूत्रों के मुताबिक, यह भी जांच की जा रही है कि कांग्रेस शासनकाल में इस यूनिवर्सिटी को कैसे और किन आधारों पर विशेष दर्जा मिला था. ईडी की नजर अब उन राजनीतिक कनेक्शनों पर भी है, जिनके जरिए यूनिवर्सिटी को कथित रूप से विदेशी निवेश और चिटफंड कंपनियों से फंडिंग मिली थी.
चिटफंड घोटाले से भी जुड़ा एंगल
यह पहला मौका नहीं है जब अल फलाह यूनिवर्सिटी विवादों में है. यूनिवर्सिटी से जुड़े चिटफंड घोटाले के मामलों में पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं. बताया जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के मुख्य निदेशक जब्बाद अहमद सिद्दीकी और उनके परिवार से जुड़े कई लोग पहले ही स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं. अब ईडी उन मामलों की भी नई सिरे से जांच करेगी और देखेगी कि क्या उन्हीं पैसों का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की फंडिंग में हुआ?
फोरेंसिक ऑडिट से जुड़ेगी कई कड़ियां
साइबर सेल की प्राथमिक जांच में यह भी पाया गया है कि यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के सर्वर एक्सेस लॉग और डेटा-ट्रांसफर रिकॉर्ड्स में संदिग्ध गतिविधियां दर्ज हैं. अब एक स्वतंत्र फोरेंसिक एजेंसी इन सबूतों की जांच कर रही है. उम्मीद है कि इस जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि हैकिंग सिर्फ साइबर हमला था या फिर किसी आंतरिक व्यक्ति की मदद से किया गया सुनियोजित षड्यंत्र है.



