कौशल की कमी और युवा रोजगार: अवसर हैं, लेकिन तैयारी अधूरी

नोएडा। भारत की युवा आबादी दुनिया में सबसे बड़ी है, लेकिन रोजगार के क्षेत्र में कौशल की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। तकनीक और उद्योगों में तेजी से बदलाव के कारण आज के नौकरी बाजार को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो नई तकनीकों, विशेषकर एआई (Artificial Intelligence), डेटा एनालिसिस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में निपुण हों।
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, केवल 20% भारतीय युवाओं के पास उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल मौजूद है। इसका परिणाम यह है कि लाखों शिक्षित युवा डिग्री होने के बावजूद रोजगार पाने में असफल हो रहे हैं। कई कंपनियाँ कहती हैं कि योग्य उम्मीदवारों की कमी के कारण पद खाली रह जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा प्रणाली में व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक कौशलों को शामिल करना बेहद जरूरी है। सरकार और निजी संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे ‘स्किल इंडिया मिशन’ और ‘डिजिटल ट्रेनिंग प्रोग्राम’ इस दिशा में सकारात्मक कदम हैं, लेकिन इनकी पहुँच हर छात्र तक नहीं है।
युवाओं को अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल हासिल करने पर ध्यान देना होगा
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