
नई दिल्ली। आधुनिक युग के युवाओं की सोच और जीवनशैली में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। जहाँ पहले युवाओं की प्राथमिकता परिवार और रिश्ते हुआ करते थे, वहीं अब वे करियर, आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत विकास को अधिक महत्व देने लगे हैं। सोशल मीडिया, ग्लोबलाइजेशन और डिजिटल अवसरों ने युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बना दिया है।
हाल ही में किए गए एक सर्वे के अनुसार, 65% से अधिक युवा अब शादी या रिश्तों की तुलना में करियर और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों के छात्र-छात्राएँ अपने सपनों को साकार करने के लिए नए शहरों और देशों की ओर रुख कर रहे हैं।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह परिवर्तन समाज में सकारात्मक संकेत है क्योंकि युवा अब अपने जीवन के लक्ष्यों के प्रति अधिक स्पष्ट और आत्मविश्वासी हैं। हालांकि, इस बदलाव के साथ व्यक्तिगत संबंधों में दूरी और मानसिक तनाव की चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं।
आवश्यक है कि युवा करियर और जीवन मूल्यों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ें — तभी यह परिवर्तन सार्थक सिद्ध होगा।
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