आरपीएफ अभिरक्षा में दलित युवक की संदिग्ध मौत, दरोगा समेत तीन पर हत्या का मुकदमा दर्ज

*गोण्डा*
गोंडा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की अभिरक्षा में दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से मंगलवार की रात हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि आरपीएफ ने पूछताछ के दौरान हुई पिटाई और थर्ड डिग्री टॉर्चर से युवक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरपीएफ कर्मी शव को जिला अस्पताल में छोड़कर मौके से फरार हो गए।
मृतक की पहचान मोतीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम किनकी निवासी संजय कुमार (30) के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे आरपीएफ दरोगा सुरेंद्र कुमार, सिपाही करण सिंह यादव, अमित कुमार यादव और अन्य कर्मी उसे घर से उठा ले गए थे। दिनभर गाड़ी में बैठाकर घुमाया गया और बुरी तरह पीटा गया। देर शाम उसकी तबीयत बिगड़ने पर आरपीएफ कर्मी उसे जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
आरपीएफ का कहना है कि संजय को 28 सितंबर को हुए खाद्य तेल चोरी प्रकरण में पकड़ा गया था और उसकी निशानदेही पर तेल बरामद हुआ था। थाने लाते समय तबीयत बिगड़ने से उसकी मौत हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। परिजनों ने आरपीएफ कर्मियों पर टॉर्चर कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया।
मृतक के भाई राजू सोनकर की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरपीएफ दरोगा सुरेंद्र कुमार, सिपाही करण सिंह यादव, अमित कुमार यादव सहित अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अपर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। एफआईआर दर्ज कर जांच टीम गठित कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वही आरपीएफ के सहायक कमाण्डेंट महेन्द्र प्रसाद दूबे ने बताया कि आरपीएफ कस्टडटी में युवक की मौत हो गयी है।मामला गम्भीर है फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो दोषी होगा उसके खिलाफ कारवाई की जायेगी।



