भारत का सेमीकंडक्टर दौड़ में ठोस कदम

भारत में उच्च तकनीक चिप निर्माण को तेज़ गति दी जा रही है। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, देश में CCTV, सर्वर, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) जैसे क्षेत्रों के लिए चिप्स बनाने हेतु लगभग ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
इस पहल का उद्देश्य देश को वैश्विक चिप सप्लाई-चेन में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत मुख्य मंत्री या इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में सक्रिय पहल कर रही है।
चिप-उद्योग में यह एक रणनीतिक मोड़ है क्योंकि चीन-यूएस ट्रेड तनाव के बीच भारत को एक वैकल्पिक गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है। इससे न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट निर्माण में स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी बल्कि रक्षा और उच्च अंत तकनीकों में भी बढ़त मिलेगी।
हालाँकि चुनौतियाँ भी कम नहीं — जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की आपूर्ति, उच्च कौशल वाले संसाधन, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा। विश्लेषकों के अनुसार, सफल होने के लिए नीतिगत स्थिरता, इन्फ्रास्ट्रक्चर समर्थन और निजी-पब्लिक सहभागिता महत्वपूर्ण होंगे।
इस निवेश के माध्यम से भारत की “मेक-इन-इंडिया” व “आत्मनिर्भर भारत” की द



