पश्चिम बंगाल में नागरिकता अभियान तेज़: भाजपा का CAA शिविरों के ज़रिए बांग्लादेशी हिंदुओं तक पहुंचने का प्रयास

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, यानी CAA को लेकर अपनी रणनीति तेज़ कर दी है। पार्टी राज्यभर में 1000 से अधिक विशेष शिविर लगाने की तैयारी में है, जिनका उद्देश्य उन बांग्लादेशी हिंदुओं को नागरिकता दिलाने में सहायता करना है, जो वर्षों से भारत में शरण लिए हुए हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इन शिविरों में आवेदकों को दस्तावेज़ भरने, प्रक्रिया समझने और डिजिटल आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर लोगों को यह समझाएंगे कि CAA किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि धार्मिक उत्पीड़न से भागे हुए शरणार्थियों के लिए राहत का कदम है।
राजनीतिक रूप से देखा जाए तो बंगाल भाजपा के लिए बेहद अहम राज्य है। 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने भले ही सत्ता हासिल न की हो, लेकिन उसे बड़ी संख्या में समर्थन मिला था। अब पार्टी उम्मीद कर रही है कि नागरिकता का यह मुद्दा फिर से हिंदू मतदाताओं को उसके पक्ष में लामबंद करेगा।
हालाँकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस कदम को चुनावी राजनीति का हिस्सा मान रही है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा सामाजिक ध्रुवीकरण कर वोटों की राजनीति कर रही है।
राज्य की राजनीति में CAA एक बार फिर चर्चा का प्रमुख विषय बन चुका है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का यह नागरिकता अभियान आने वाले चुनावी समीकरणों को किस दिशा में मोड़ता है।



