भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएँ: “सकारात्मक एवं भविष्य-उन्मुख” संकेत

हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएँ फिर से चर्चा में हैं। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि बातचीत “सकारात्मक” और “भविष्य-उन्मुख” है।
मुख्य बिंदु:
यू.एस. द्वारा भारत के निर्यातों पर लगाए गए टैरिफ और भारतीय कृषि एवं डेयरी उत्पादों के बाज़ार खोलने की मांग प्रमुख मतभेद बने हुए हैं।
अगस्त 2025 में भारत से अमेरिका को निर्यात करने वाली कंपनियों ने उल्लेख किया कि टैरिफ वृद्धि के कारण निर्यात में गिरावट आई है। जुलाई में निर्यात लगभग 8.01 अरब डॉलर था जो अगस्त में घटकर 6.86 अरब डॉलर हो गया।
इन वार्ताओं का उद्देश्य एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता शीघ्रता से समाप्त करना है, जो दोनों देशों को लाभ पहुंचाए — निर्यातकों के लिए बेहतर अवसर, और अमेरिकी बाज़ार में भारत की पहुंच।
चुनौतियाँ:
भारत की ओर से कुछ मांगें अभी बाधाओं में हैं — जैसे कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से रूस से तेल की खरीद में कमी और कृषि-सेक्टर खोलने की मांगें।
निर्यातकों ने चेतावनी दी है कि यदि ये टैरिफ वर्तमान दरों पर ही जारी रहे, तो भारत के कुछ क्षेत्



