दिल्ली में बढ़ने लगा यमुना का जल स्तर, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जल

पुराने लोहे के पुल के पास पानी का बहाव सामान्य से काफी ऊपर है, जो कई निचले इलाकों के लिए खतरे की घंटी है. जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से दिल्ली में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिसे देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है.
लोगों को किया गया सतर्क
अधिकारियों का कहना है कि यमुना में पानी बढ़ने की सबसे बड़ी वजह हथिनी कुंड एवं वजीराबाद बैराज से लगातार पानी का छोड़ा जाना है. पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बैराज से हर घंटे हजारों क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है.
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने दी जानकारी
उनका कहना है कि बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, हर घंटे हथिनी कुंड बैराज से लगभग 35 से 40 हजार क्यूसेक पानी और वजीराबाद बैराज से 45 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है. जिससे दिल्ली का जलस्तर प्रभावित हो रहा है.
48 से 50 घंटो में दिल्ली पहुंचता है बैराज का पानी
बता दें कि, बैराज से छोड़ा गया पानी 48 से 50 घंटो में दिल्ली पहुंचता है. यमुना का चेतावनी का स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है. जलस्तर के 206 मीटर पहुंचते ही प्रशासन निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित करना शुरू कर देता है.



