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1 नहीं, 2 नहीं, 3 नहीं… तो इसलिए धराली में आई थी बड़ी तबाही, इस ब्लॉगर के कैमरे में सबकुछ हुआ कैद

उत्तराखंड के धराली में अचानक आई आपदा को सब ने देखा. दुनिया ने देखा कि कैसे पल भर में सबकुछ खत्म हो गया था. इस आपदा का मुखबा से कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर पूरी दुनिया को दिखाया था. अभी तक सब यही जान रहे थे कि आपदा एक बार आई थी. लेकिन घटना के 9 दिन बीतने के बाद इसकी सच्चाई कुछ और निकली, जिससे उस वक्त की स्थिति और भी साफ हो गई है. दरअसल, धराली में एक बार नहीं बल्कि तीन से चार बार मलबे का सैलाब आया था. अगर यह मलबा एक बार आया होता तो शायद इतनी तबाही ना आई होती. मुखवा में रहने वाली गीता सेमवाल, जो अपना एक ब्लॉग चैनल भी चलाती हैं. उन्होंने आपदा की तस्वीरों को अपने कमरे में कैद किया.

धराली में लोग पूजा की कर रहे थे तैयारी

जिस वक्त यह आपदा आई उस वक्त धराली और मुखबा दोनों ही गांव में मेले की तैयारी चल रही थी. हर साल आयोजित होने वाले इस मेले में वह लोग भी शामिल होते हैं, जो उत्तरकाशी या अपने गांव से दूसरे राज्यों में जाकर काम कर रहे हैं. यानी उस वक्त सभी लोग अपने-अपने घरों से भगवान शिव के इस मेले में आयोजित होने के लिए आए हुए थे और उन्हें में से एक हैं उत्तरकाशी की रहने वाली गीता सेमवाल. गीता सुबह से लेकर उस वक्त तक कमरे पर हर वह तैयारी बता रही थी, जो पूरा परिवार मेले के लिए कर रहा था. उन्होंने बताया कि कैसे सुबह उठने के बाद पूजा पाठ और पूरे गांव में रौनक का माहौल था. चारों तरफ डीजे की आवाज और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बेहद खुश थे. मौसम भी बेहद सुहावना था. अचानक से पूरी धराली घाटी में कोहरा छाने लगा और कोहरा छाने के बाद मौसम और भी ज्यादा खूबसूरत हो गया.

ब्लॉगर के कैमरे में सब हो गया कैद

लेकिन तभी गीता सेमवाल ने अपने कमरे में जो मंजर कैद किया, वह अभी तक शायद किसी के सामने नहीं आया. गीता सेमवाल ने इस पूरे आपदा के घटनाक्रम को सिलसिलेवार अपने कमरे में कैद करके अपने हर्षिल ब्लॉग नाम के पेज पर डाला है. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक पानी का सैलाब आया और सब कुछ बहा कर ले गया, जो घर या मंदिर से लोग इस मंजर को देख रहे थे. उन्होंने मुश्किल से पहाड़ों पर भाग कर अपनी जान बचाई. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि एक बार सैलाब आने के बाद दोबारा पानी और मलवा बहकर आता है. इस मलबे में जो मकान, दुकान, होटल पहले आए सैलाब के बाद बच भी जाते हैं वह भी बहते हुए चले जाते हैं.

तीसरे सैलाब में डूबते हुए दिखाई दिया सब कुछ

तीसरा सैलाब आने के बाद हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं. अत्यधिक मलबे में धीरे-धीरे बचे हुए मकान, दुकान, होटल सब कुछ डूबने लगता है. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कुछ लोग मलबे से निकलने की कोशिश भी कर रहे हैं और भागते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. अब तक यह तस्वीर सामने नहीं आई थी. लेकिन इन तस्वीरों के सामने आने के बाद बहुत सी चीजों से पर्दा उठ सकता है. यानी जांच कर रहे वैज्ञानिकों को इस वीडियो से भी काफी सहायता मिल सकती है.

इंडियन आर्मी ने तुरंत संभाला था मोर्चा

वीडियो से यह साफ पता लगता है कि कैसे हमारी इंडियन आर्मी ने आपदा के चंद मिनटों बाद ही मोर्चा संभाल कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था. आसपास में दौड़ती हुई एंबुलेंस और रेस्क्यू के लिए दौड़ते हुए आर्मी के जवान लोगों की मदद कर रहे हैं. तस्वीरों में बदहवास इधर-उधर भागते हुए लोग भी दिखाई दे रहे हैं. तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि जब यह पूरा मलबा आता है तो गांव वाले अपने आप को बचाने के लिए पहाड़ों पर चढ़ जाते हैं.

गीता ने कहा- कानों में अभी भी गूंज रही है वो आवाज

बातचीत करते हुए गीत सेमवाल ने बताया, ‘मैं अभी भी उसे मंजर की वजह से सही नहीं हूं. सुबह और शाम मेरी आंखों के सामने वही तस्वीर और कानों में वही आवाज सुनाई दे रही है. मैंने इस पूरे मंजर को बेहद करीब से देखा है. मैंने देखा है कि कैसे लोग इस मलबे में दबते चले गए. सब कुछ हमारी आंखों के सामने खत्म हो गया. अब पता नहीं इस गांव में दोबारा से खुशियां कब लौटेगी. लेकिन गांव पूरी तरह से तबाह हो गया है.

saamyikhans

former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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