ज़ब ऐसे होंगे ठेकेदार तो अयोध्या का बंटाधार।

*अयोध्या*
रामपथ पर सौंदरीकरण के नाम पर भारी भ्रष्टाचार।
विकास प्राधिकरण की योजनाओं में सिर्फ पैसे की बर्बादी।
उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या विकास प्राधिकरण पर कब डालेगी निगाह.
अयोध्या विकास प्राधिकरण के कार्यों की एसआईटी गठित कर होनी चाहिए जांच।
ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण और घटिया क्वालिटी के चलते स्थिति बेहद खराब।
हाथ लगाते ही सीमेंट का घोल बन जाता है राख।
या तो मोटा कमीशन देकर ठेकेदार कम बजट में कर रहा है काम।
या फिर अयोध्या की विकास योजनाओं को लूटने का सब बना चुके हैं मन।
घटिया कार्य की खबर चलने के बाद भी ठेकेदार अरविंद सिंह पर ना कार्रवाई न जांच।
कुल मिलाकर अयोध्या में
सौंदरीकरण और विकास के नाम पर लूट सको तो लूट।
खबर चलने के बाद अपनी कमिया छुपाने के बाद हरकत में आया प्राधिकरण।
आनन फानन में घटिया समान हटा तो लिया गया पर जो लग गया उसकी जवाबदेही कौन देगा।



