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7 साल पहले बालाकोट के वो 21 मिनट: जब भारत ने खींच दी अपनी नई ‘रेड लाइन’

7 साल पहले बालाकोट के वो 21 मिनट: जब भारत ने खींच दी अपनी नई ‘रेड लाइन’

26 फरवरी 2019 की सुबह भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया और भारत की सैन्य नीति हमेशा के लिए बदल गई.

26 फरवरी 2019 की सुबह करीब 3 बजकर 30 मिनट. अंधेरे और सन्नाटे के बीच भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान नियंत्रण रेखा पार करते हैं. कुछ ही मिनटों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट इलाके में स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया जाता है. करीब 21 मिनट की इस कार्रवाई ने सिर्फ एक कैंप को नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा सोच, सैन्य नीति और कूटनीतिक रवैये को हमेशा के लिए बदल दिया. सात साल बाद अब जब गृह मंत्रालय ने भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति जारी की है तब ये सवाल फिर उठता है कि बालाकोट सिर्फ पुलवामा का जवाब था या भारत की नई सुरक्षा नीति का एलान?

पुलवामा से बालाकोट तक: घटनाओं की कड़ी
दरअसल केवल दो हफ्ते पहले 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों से भरी बस को आत्मघाती हमले में उड़ाने की साजिश रची गई थी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे. इसकी जिम्मेदारी ली थी जैश-ए-मोहम्मद ने, जिसका ठिकाना पाकिस्तान में था. पूरे देश में गुस्सा उबाल पर था और सरकार पर कड़ा जवाब देने का दबाव था.

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