गोंडा

हलधरमऊ सीएचसी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, चिकित्सीय सुविधाओं के अभाव में मरीज परेशान

*गोंडा*

गोण्डा जिले के हलधरमऊ विकासखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बीते वर्षों मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किया गया था। उम्मीद थी कि इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, विशेषज्ञ डॉक्टर मिलेंगे और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी, लेकिन हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। मरीजों को आज भी बुनियादी इलाज और जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। सीएचसी परिसर में रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन, ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज का बोर्ड जून 2024 में लगाया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब यहां संसाधन और डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल स्थिति निराशाजनक है।

एक्सरे मशीन धूल खा रही, टेक्नीशियन तक नहीं

सीएचसी में एक्सरे मशीन तो लग गई है, लेकिन टेक्नीशियन की तैनाती न होने के कारण कमरा महीनों से बंद पड़ा है।

हड्डी से संबंधित मरीजों को इलाज तो दूर, एक्सरे कराने के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें 400 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।

अल्ट्रासाउंड भी नहीं, मरीजों को गोंडा जाना मजबूरी

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को गोंडा और कर्नलगंज जाना पड़ता है। इस कारण कई मरीज सीएचसी पहुंचने के बजाय सीधे निजी अस्पतालों की ओर चले जाते हैं।

डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी

स्वीकृत आठ चिकित्सकों की जगह केवल दो डॉक्टर तैनात हैं। स्टाफ नर्स की स्थिति भी बदहाल है—तीन स्वीकृत पदों में से केवल एक नर्स सेवा दे रही है। इमरजेंसी सेवाएं लगभग नाम मात्र पर चल रही हैं।

विद्युत आपूर्ति भी बाधित, मरीजों को होती परेशानी

सीएचसी में बिजली सप्लाई आए दिन बाधित रहती है, जिससे रात के समय मरीजों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों की नाराजगी

सुशील दुबे (राजपुर) – “एक्सरे के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ता है। सरकारी अस्पताल में सुविधा न होने से निजी खर्च बढ़ रहा है।”

कौशल ओझा (परसागोड़री) – “हर सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड सुविधा होती है, लेकिन यहां एक्सरे व अल्ट्रासाउंड दोनों शून्य हैं। ऐसे में अस्पताल जाने का कोई मतलब नहीं।”

छविलाल भारती (कलवारी) – “ईएनटी और ऑर्थोपेडिक डॉक्टर नहीं हैं। मरीजों को निजी डॉक्टरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।”

कमलेश सिंह (गद्दोपुर) – “महिला डॉक्टर तक नहीं है। महिलाओं का इलाज कैसे होगा?”

मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बावजूद हलधरमऊ सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के अभाव और स्टाफ कमी के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है।

अधीक्षक ने दी सफाई

सीएचसी अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि एक्सरे सुविधा के लिए कर्नलगंज से टेक्नीशियन को संबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि “मरीजों को उपलब्ध संसाधनों के साथ सर्वोत्तम सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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