हमदर्दी कानून से ऊपर नहीं’ सुप्रीम कोर्ट ने क्यों पलटा सरकारी नौकरी पर हाईकोर्ट का आदेश।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने वाले युवक को राहत देने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सहानुभूति कानून की जगह नहीं ले सकती। युवक को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी। यह जानकारी छिपाना सरकारी नौकरी के लिए एक बुनियादी शर्त है। अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया।सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से युवक को अपनी सरकारी नौकरी गंवानी पड़ेगी, क्योंकि उसने भर्ती के समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। कोर्ट ने कहा कि सहानुभूति कानून की जगह नहीं ले सकती। यह जानकारी छिपाना कोई छोटी-मोटी बात नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी के लिए एक बुनियादी शर्त है।सर्वोच्च अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यह जानकारी छिपाना मामूली बात थी और इस आधार पर नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती।



