सीरीज हारी, लेकिन चमके कोहली: न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट का रिकॉर्डतोड़ वनडे शो

दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज अब भले ही नतीजों के पन्नों में दर्ज हो चुकी हो, लेकिन इस सीरीज की सबसे चमकदार कहानी एक बार फिर विराट कोहली रहे। टीम इंडिया को 2–1 से सीरीज गंवानी पड़ी, मगर कोहली का बल्ला हर मुकाबले में उम्मीद की लौ जलाता नजर आया। सीरीज की शुरुआत में ही विराट ने बता दिया था कि वह किस लय में हैं। पहले वनडे में शतक से भले ही सात रन दूर रह गए, लेकिन 93 रनों की जिम्मेदार पारी ने भारत को मजबूत आधार दिया। दूसरे मुकाबले में किस्मत ने साथ नहीं दिया और वह सिर्फ 23 रन बनाकर पवेलियन लौटे, लेकिन असली विराट तीसरे और निर्णायक मैच में सामने आए।
दबाव भरे मुकाबले में कोहली ने अनुभव और क्लास का शानदार मेल दिखाया। 124 रनों की यादगार पारी खेलते हुए उन्होंने न सिर्फ टीम को संभाला, बल्कि अपने नाम एक और ऐतिहासिक शतक भी जोड़ लिया। यह उनके वनडे करियर का 54वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 85वां शतक था। तीन मैचों की इस सीरीज में विराट के बल्ले से कुल 240 रन निकले—हर पारी में टीम इंडिया की उम्मीद बनकर।
रिकॉर्ड्स की झड़ी, कोहली का दबदबा
इस सीरीज में कोहली सिर्फ रन मशीन ही नहीं बने, बल्कि रिकॉर्ड बुक भी हिलती नजर आई। वनडे क्रिकेट में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 150 छक्के लगाने वाले वह दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए। इसके साथ ही उन्होंने सभी फॉर्मेट की द्विपक्षीय सीरीज में 22 हजार रन पूरे कर एक और बड़ा मुकाम हासिल किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वालों की सूची में वह दूसरे स्थान पर पहुंच गए। इतना ही नहीं, अलग-अलग मैदानों पर सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने का रिकॉर्ड भी अब विराट के नाम है। कीवी टीम के खिलाफ सभी फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक और दूसरे सबसे ज्यादा रन—ये आंकड़े भी उनकी निरंतरता की गवाही देते हैं। वनडे में नंबर तीन पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड पहले ही उनके नाम दर्ज हो चुका है।
एक नजर विराट कोहली के वनडे करियर पर
2008 में वनडे डेब्यू करने वाले विराट कोहली अब तक 311 मुकाबले खेल चुके हैं। 299 पारियों में उन्होंने 58.71 के शानदार औसत से 14,797 रन बनाए हैं। उनके नाम 54 शतक और 77 अर्धशतक दर्ज हैं। वनडे में 183 रन का उनका सर्वोच्च स्कोर आज भी क्रिकेट प्रेमियों के ज़हन में ताजा है।
नतीजे से आगे की कहानी
सीरीज भारत के हाथ से जरूर फिसल गई, लेकिन विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मंच पर जिम्मेदारी उठाना उनकी पहचान है। जब भी टीम को सहारे की जरूरत होती है, कोहली का बल्ला बोलता है—और यही उन्हें महान खिलाड़ियों की कतार में अलग खड़ा करता है।



