उत्तराखंड महिला कर्मचारी नाइट शिफ्ट में भी कर सकेंगी काम, लेकिन सशर्त… पढ़ें कैबिनेट के 8 बड़े फैसले

उत्तराखंड कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इस बैठक में पर्यावरण, अभियोजन, ऊर्जा, आवास, श्रम कानून, शहरी परिवहन और वन्यजीव संघर्ष राहत से संबंधित प्रमुख निर्णय लिए गए. इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला ये है कि अब राज्य में किसी जानवर से हुए संघर्ष में मौत होने पर मुआवजे को बढ़ा दिया है जोकि पहले 6 लाख रुपये हुआ करता था. वहीं, महिला कर्मचारियों को रात की पाली में काम करने की सशर्त अनुमति भी दी गई है. आइये जानते हैं सभी कैबिनेट फैसलों के बारे में…
वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु पर अब 10 लाख रुपये मुआवजा
मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि (संशोधन) नियमावली, 2025 को मंज़ूरी देते हुए सरकार ने वन्यजीव हमलों में मृत्यु होने पर मुआवज़ा 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है. यह फैसला टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन की बैठक में पास किए गए प्रस्ताव एवं मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लिया गया है.
जैव विविधता बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी
पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव पर उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को राज्य विधानमंडल के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई है. इससे बोर्ड के कामों और खर्च का लेखा-जोखा जनता के सामने आएगा.
अभियोजन विभाग में 46 नए पद सृजित
अभियोजन विभाग में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल जिलों में सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) के 46 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इससे अदालतों में मामलों की पैरवी और ज्यादा मजबूत होगी.
यूजेवीएन लिमिटेड की वित्तीय रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
ऊर्जा विभाग के अनुसार, कंपनी एक्ट 2013 के प्रावधानों के अनुरूप उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) की वित्तीय वर्ष 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट आने वाले विधानसभा सत्र में पेश की जाएगी.
प्राधिकरण क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति अनिवार्यता का दोबारा रिव्यू
आवास विभाग द्वारा पेश मानचित्र स्वीकृति की अनिवार्यता से जुड़े प्रस्ताव पर कैबिनेट ने दोबारा रिव्यू करने का फैसला लिया है. इससे नियमों को और व्यवहारिक बनाने की कोशिश की जाएगी.
महिला कर्मचारियों को रात की शिफ्ट में काम करने की सशर्त अनुमति
राज्य सरकार ने महिला कर्मचारियों को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की सशर्त छूट दी है. कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त प्रावधान जरूरी होंगे. महिला कर्मचारी की पहले लिखित सहमति जरूरी होगी. इस कदम से महिला रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आर्थिक सशक्तिकरण होगा और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा.
दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी
उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 के तहत अधिनियम 2017 की कई धाराओं में संशोधन किया जाएगा. इन संशोधनों से छोटे प्रतिष्ठानों पर एक्स्ट्रा बोझ नहीं पड़ेगा. बड़े प्रतिष्ठानों में कामगारों को सभी कानूनी लाभ मिलेंगे. निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा व कार्य घंटों में लचीलापन आएगा. श्रमिकों की आय में सुधार होने की उम्मीद है.
देहरादून मेट्रो नियो परियोजना पर आगे की कार्रवाई
मेट्रो नियो परियोजना के संबंध में भारत सरकार द्वारा दिए गए सुझावों को भी मंत्रिमंडल के सामने रखा गया. परियोजना से जुड़े बिंदुओं पर कैबिनेट से राय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. यह परियोजना भविष्य में देहरादून की शहरी परिवहन व्यवस्था को नया स्वरूप दे सकती है.



