वायु प्रदूषण ने ली कोरोना की जगह: डॉक्टरों ने दी भारत को बड़ी चेतावनी, तुरंत कार्रवाई जरूरी

कोरोना महामारी के बाद भारत में वायु प्रदूषण अब सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट बन चुका है। प्रमुख डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि खराब हवा से सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों की क्षति तेजी से बढ़ रही हैं। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई शहरों में एQI स्तर 400 से ऊपर पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से प्रति वर्ष लाखों मौतें हो रही हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में। ‘द लैंसेट’ जर्नल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रदूषण से होने वाली मौतें कोरोना से भी ज्यादा हैं। विशेषज्ञों ने मास्क पहनने, घर के अंदर एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने और बाहर कम निकलने की सलाह दी है।
ठोस कदम उठाने की मांग
डॉक्टरों ने केंद्र और राज्य सरकारों से तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। इसमें शामिल हैं:
औद्योगिक इकाइयों पर सख्त नियंत्रण।
वाहनों से निकलने वाले धुएं पर लगाम।
वृक्षारोपण अभियान को तेज करना।
पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अलर्ट जारी कर कहा है कि प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और कैंसर के मामले दोगुने हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी नहीं चेते, तो यह संकट और गहरा जाएगा। जनता से अपील है कि पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी करें।



