अंतरराष्ट्रीय
यूएन समिट में सामाजिक समावेशन को नीति-पटल पर लाया गया

फैज़ान अहमद आज़ीज़ी ने United Nations की सामाजिक विकास-समिति में कहा कि “सामाजिक समावेशन हर नीति की नींव होनी चाहिए”। उन्होंने यह बात दोहा में कहा, जहाँ विभिन्न देशों के प्रतिनिधि एकत्रित थे।
उनका तर्क है कि आर्थिक वृद्धि यदि सामाजिक समावेशन के साथ नहीं होगी, तो असमानता बढ़ेगी और विकास अस्थिर होगा। आज़ीज़ी ने भारत की विविध जनसंख्या-वर्गों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है क्योंकि विकास-नीतियाँ अक्सर ऊपरी वर्गों या शहरी क्षेत्रों तक सीमित रह जाती हैं। सामाजिक समावेशन का अर्थ है—लैंगिक, आर्थिक, जातिगत, क्षेत्रीय विभेदों को कम करते हुए नीति-निर्धारण करना।



