मोहनियां में तेजस्वी यादव का नया दांव — निर्दलीय रवि पासवान को समर्थन देकर बदली सियासी तस्वीर

बिहार की राजनीति में हर चुनाव अपने साथ नए समीकरण लेकर आता है, लेकिन इस बार मोहनियां विधानसभा सीट पर जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने यहां पार्टी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी रवि पासवान को खुला समर्थन देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
रवि पासवान कोई साधारण उम्मीदवार नहीं हैं — वे पूर्व भाजपा सांसद और राज्य के वरिष्ठ नेता छेदी पासवान के पुत्र हैं। राजनीति उनके परिवार की धारा में रही है, और अब तेजस्वी यादव का समर्थन मिलने से उनकी उम्मीदवारी को नई मजबूती मिली है। यह कदम केवल एक सीट की रणनीति नहीं बल्कि एक बड़े संदेश का हिस्सा माना जा रहा है कि आरजेडी अब नए सामाजिक समीकरण गढ़ने की कोशिश में है।
मोहनियां क्षेत्र में दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाता बड़ी संख्या में हैं। तेजस्वी यादव द्वारा रवि पासवान को समर्थन देना इन वर्गों को एक मंच पर लाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आरजेडी यह संकेत देना चाहती है कि वह अब परंपरागत सीमाओं से बाहर निकलकर हर उस उम्मीदवार को साथ लेने को तैयार है, जो सामाजिक न्याय और विकास की उसकी सोच से मेल खाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भाजपा के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि रवि पासवान का पारिवारिक प्रभाव और तेजस्वी यादव का समर्थन, दोनों मिलकर विपक्षी मतों को एकजुट कर सकते हैं।
मोहनियां सीट अब बिहार की सबसे दिलचस्प चुनावी सीटों में से एक बन गई है, जहाँ पार्टी के बजाय व्यक्ति और रणनीति दोनों का असली मुकाबला देखने को मिलेगा। तेजस्वी का यह फैसला आने वाले चुनावी समीकरणों की झलक भर है कि बिहार की सियासत अब पुराने ढर्रे से आगे बढ़ चुकी है।



