उत्तराखंड

Uk: धराशायी होगा मैदान पर उतरा पानी की समस्या का पहाड़, संकट दूर करने के लिए जल संस्थान बना रहा योजना

पहाड़ से पलायन कर मैदान में उतरे फिर भी पानी के लिए तरसे…। हम बात कर रहे हैं उन लोगों की जो सुख-सुविधाओं के लिए भाबर में मकान बनाकर बस रहे हैं लेकिन पानी की किल्लत ने उनका पीछा यहां भी नहीं छोड़ा। ऐसे पेरी-अर्बन क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने की कवायद चल रही है। योजना के साकार होने के बाद करीब सवा लाख की आबादी को मानक के अनुसार जलापूर्ति हो सकेगी।

पर्वतीय जिलों में रहने वाले लोग लगातार मैदान की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि भाबर के गांवों का शहरीकरण होने लगा है लेकिन बुनियादी सुविधाओं की यहां कमी है। इनमें पानी बड़ी समस्या है।

अभी लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों के मानक यानी 55 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से जलापूर्ति की जा रही है। अब जल संस्थान शहर से लगे 12 गांवों में 135 लीटर एलपीसीडी पानी की उपलब्धता बढ़ाने की कवायद कर रहा है।

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/News Portal

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