मार्गशीर्ष पूर्णिमा — धार्मिक शास्त्रों में अत्यंत शुभ माना जाने वाला दिन (विस्तारित संस्करण)

आज मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान नारायण की पूजा, दान, स्नान और व्रत का विशेष महत्व होता है। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। कई स्थानों पर सामूहिक हवन, कथा और भागवत सत्संग का आयोजन किया गया।
धार्मिक मान्यता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य फल प्राप्त होता है। गांवों और छोटे कस्बों में आज विशेष प्रकार के दान—जैसे भोजन वितरण, कंबल दान, गौ-सेवा—की परंपरा भी निभाई जाती है। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं ताकि घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहे।
पंचांग के अनुसार, आज का दिन पूजा-पाठ के लिए अत्यंत उत्तम बताया गया है। हालांकि राहुकाल में धार्मिक कार्य न करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषियों का कहना है कि आज किया गया दान और ध्यान मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। कुल मिलाकर, आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
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