लैंड फॉर जॉब’ केस में बड़ा मोड़! आज कोर्ट तय करेगा, CBI के गवाह वैध या अवैध

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को ‘लैंड फॉर जॉब’ भ्रष्टाचार मामले में एक अहम सुनवाई होने जा रही है। यह सुनवाई राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय महासचिव और लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले भोला यादव की याचिका पर होगी। इस मामले में भोला यादव सह-आरोपी हैं और उन्होंने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भोला यादव ने अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा है कि सीबीआई ने जिन पांच लोगों को सरकारी गवाह बनाया है, उनके बयान कानून के मुताबिक दर्ज नहीं किए गए हैं। उनका दावा है कि ऐसे बयान अवैध हैं और उन्हें सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
याचिका में क्या कहा गया है?
याचिका में बताया गया है कि सीबीआई ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत गवाहों के बयान दर्ज करते समय तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को सरकारी गवाह बनाने से पहले उसे माफी (पार्डन) दी जाती है और उसके बाद उसका बयान दर्ज किया जाता है। लेकिन भोला यादव का आरोप है कि इस मामले में पहले बयान दर्ज किए गए और बाद में गवाहों को माफी दी गई। इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया है कि गवाहों के बयान स्वेच्छा से नहीं दिए गए, बल्कि उन पर दबाव बनाया गया। ऐसे हालात में इन बयानों के आधार पर किसी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।



