
भारत, यूएई, जापान समेत 10 देशों के करीब 1000 लोगों से लगभग 970 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी महाठग रविंद्र नाथ सोनी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में अब उन लोगों की परेशानियां भी बढ़ती दिख रही है. जिन पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आरोपी का साथ देने के आरोप लग रहे है. इसी कड़ी में फिल्म अभिनेता सोनू सूद की मुश्किलें भी एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है.
दरअसल, इससे पहले SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने अभिनेता सोनू सूद को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था. उस समय सोनू सूद की ओर से ई-मेल के माध्यम से जवाब भेजा गया था. अपने जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे एक कंपनी के कार्यक्रम में शामिल होने के सिलसिले में महेंद्र नाथ सोनी के यहां गए थे और उनका महाठग रविंद्र नाथ सोनी या महेंद्र नाथ सोनी से कोई व्यक्तिगत या व्यावसायिक संबंध नहीं है. सोनू सूद ने यह भी कहा था कि उनकी उपस्थिति केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित थी.
तथ्यों की पुष्टि के लिए आना होगा सामने
हालांकि SIT सूत्रों के मुताबिक ई-मेल के जरिए दिया गया यह जवाब जांच के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है. जांच एजेंसी का मानना है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी मामले में हर पहलू की गहराई से पड़ताल जरूरी है. ऐसे में सोनू सूद को अब खुद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान देना होगा ताकि सभी तथ्यों की प्रत्यक्ष पुष्टि की जा सके.
लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का आरोप
अगर पहले के मामलों पर नजर डालें तो रविंद्र नाथ सोनी पर फर्जी निवेश योजनाओं और झूठे वादों के जरिए लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के गंभीर आरोप है. जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी का नेटवर्क भारत के साथ-साथ यूएई और जापान जैसे देशों तक फैला हुआ था. पहले चरण की जांच में कई सहयोगियों के नाम सामने आए जिनसे पूछताछ जारी है.
अभिनेता सोनू सूद की भूमिका कितनी सही?
अब मौजूदा स्थिति में SIT उन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जो किसी भी रूप में आरोपी से जुड़ी हो सकती है. इसी वजह से सोनू सूद समेत अन्य चर्चित नामों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि बयान दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि अभिनेता की भूमिका केवल औपचारिक थी या मामला इससे आगे तक जुड़ा हुआ है.



