भारतीय रुपए पर दबाव और बांड यील्ड पर नजर

भारत में मुद्रा बाजार आज पुनः चर्चा में रहा है क्योंकि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निम्न स्तर से नीचे गिरने की कगार पर है। पिछले सप्ताह रुपए ने करीब 1 % की गिरावट दर्ज की और 88.7650 के स्तर पर आ गया। मुख्य कारणों में शामिल हैं: डॉलर की बढ़ती मांग, कमजोर वैश्विक बाजार भावना, और निवेशकों का सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख। इसके साथ-साथ भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि क्या वह सक्रिय हस्तक्षेप करेगा या नहीं।
साथ ही, भारत की 10-वर्षीय बांड की यील्ड 6.5317 % पर समाप्त हुई है और आगे भी 6.50-6.60 % के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। निवेशक इस पर भी नजर रखे हुए हैं कि अमेरिका के फेडरल रिजर्व अधिकारी अगले कदम में क्या संकेत देंगे, क्योंकि उनके फैसले का असर भारत सहित वैश्विक बाजारों पर पड़ता है।



