भारतीय अर्थव्यवस्था पर साल के अंत की समीक्षा, विशेषज्ञों की मिली-जुली राय

17 दिसंबर 2025 को भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर कई आर्थिक संस्थानों और विशेषज्ञों ने साल के अंत की समीक्षा प्रस्तुत की। रिपोर्टों के अनुसार भारत की आर्थिक स्थिति स्थिर बनी हुई है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां भी सामने आई हैं।
उद्योग और सेवा क्षेत्र में मांग बनी हुई है, जबकि छोटे व्यापार और असंगठित क्षेत्र अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। महंगाई दर में कुछ राहत देखी गई है, लेकिन खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतें आम आदमी पर दबाव बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने विकास को सहारा दिया है। वहीं रोजगार सृजन को लेकर अभी भी सुधार की जरूरत बताई जा रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ने के संकेत सकारात्मक माने जा रहे हैं।
सरकार की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि 2026 में विकास को गति देने के लिए नई नीतियों और निवेश योजनाओं पर काम किया जा रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यदि वैश्विक हालात अनुकूल रहे, तो भारत आने वाले वर्ष में मजबूत स्थिति में रह सकता है।



