
बजट-2026 “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर एक अहम कदम…पीएम मोदी
‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार एवं वित्त’ विषय पर बजट के बाद आयोजित ‘वेबिनार’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 11 वर्ष पहले दो लाख करोड़ रुपये था जो बढ़कर केंद्रीय बजट 2026-27 में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, इसने विस्तार के लिए एक मजबूत नींव रखी है.
नई दिल्ली:
पीएम मोदी ने भारतीय उद्योग से निवेश एवं नवाचार बढ़ाने का शुक्रवार को आग्रह किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने आक्रामक पूंजीगत व्यय और बजट में लगातार अनुकूल नीतिगत माहौल बनाकर आधार तैयार कर दिया है और अब निजी क्षेत्र के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वृद्धि के अगले चरण को आगे बढ़ाने का समय आ गया है. पीएम मोदी ने बजट‑2026 को “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम बताया. उन्होंने कहा कि बजट को अलग‑थलग / स्टैंड‑अलोन नहीं, बल्कि निरंतर राष्ट्र‑निर्माण / नेशन बिल्डिंग की प्रक्रिया का हिस्सा मानकर उसके जमीनी क्रियान्वयन पर फ़ोकस करना होगा.
बजट‑2026: “विकसित भारत” की ओर निर्णायक कदम
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी बजट (Budget) को अलग‑थलग, स्टैंड‑अलोन (stand‑alone) करके नहीं देखा जाना चाहिए. नेशन बिल्डिंग एक निरंतर प्रक्रिया है. हर बजट (Budget) एक बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक चरण होता है, और हमारे सामने बड़ा लक्ष्य साल 2047 तक विकसित भारत का निर्माण है.



